सर्दियों में बीमारी क्यों बढ़ जाती है? AIIMS के पूर्व निदेशक ने बताई बड़ी वजह, जानें बचाव के तरीके

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सर्दियों में बीमारी क्यों बढ़ जाती है? AIIMS के पूर्व निदेशक ने बताई बड़ी वजह, जानें बचाव के तरीके
तस्वीर: दिल्ली में सर्दियों की धुंध और प्रदूषण (साभार: इंडिया टुडे और एपी)

सर्दी का मौसम शुरू होते ही खांसी-जुकाम, बुखार और गले की खराश के मरीज़ बढ़ने लगे हैं, और हर साल यही सवाल उठता है कि सर्दियों में बीमारी क्यों बढ़ जाती है। दरअसल एम्स दिल्ली के पूर्व निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने इसका सीधा सा कारण बताया है — ठंड में वायरस ज़्यादा देर तक हवा में ज़िंदा रहते हैं और एक से दूसरे व्यक्ति तक आसानी से फैलते हैं। वहीं सर्दी में लोग घरों के अंदर ज़्यादा वक्त बिताते हैं, जिससे भीड़ बढ़ती है और संक्रमण फैलने का खतरा और बढ़ जाता है।

सर्दियों में बीमारी बढ़ने की एक और बड़ी वजह है धुंध और प्रदूषण, जो ठंडी और शांत हवा में ज़मीन के पास ही फंसकर रह जाता है। दरअसल फेफड़ों के विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार धुंध भरी हवा में सांस लेने से फेफड़े कमज़ोर हो जाते हैं और निमोनिया जैसी गंभीर छाती की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। वहीं फोर्टिस अस्पताल के डॉ. अब्दुल रऊफ वानी और मैक्स अस्पताल के डॉ. सनी कलरा ने बताया कि खांसी, बुखार, सांस फूलना और सीने में दर्द इसके शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। हालांकि बच्चे, बुज़ुर्ग और पहले से बीमार लोग इस मौसम में सबसे ज़्यादा खतरे में रहते हैं, इसलिए उन्हें खास सावधानी बरतनी चाहिए।

सर्दियों में बीमारी से बचाव के लिए क्या करें

डॉ. गुलेरिया की पहली सलाह है कि फ्लू का टीका अभी लगवा लें और सर्दी का इंतज़ार न करें, क्योंकि जितनी जल्दी टीका लगेगा उतना ही बेहतर होगा। दरअसल जब हवा की गुणवत्ता खराब हो तो सुबह की सैर से बचना चाहिए और बाहर निकलते वक्त N95 मास्क पहनना चाहिए, जो प्रदूषण और वायरल संक्रमण दोनों से बचाता है। वहीं प्रदूषण चरम पर हो तो खिड़कियां बंद रखें और बेडरूम में HEPA एयर प्यूरीफायर चलाएं। इसके अलावा सर्दियों में घर के अंदर धूप और अगरबत्ती जलाने से भी बचना चाहिए, क्योंकि इनका धुआं सांस की तकलीफ को बढ़ा सकता है।

खानपान में गुनगुने पेय और दाल, अंडे व पनीर जैसे प्रोटीन से भरपूर भोजन को शामिल करना चाहिए, जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मज़बूत रहे। दरअसल डॉक्टरों का कहना है कि ज़्यादा खतरे वाले लोगों को फ्लू और निमोनिया का टीका भी लगवाना चाहिए। वहीं दिल्ली-NCR में ज़हरीली हवा और मौसमी बीमारियों के डबल अटैक से बचने के लिए भी यही सावधानियां काम आती हैं। कुल मिलाकर, थोड़ी सी सावधानी और सही समय पर टीकाकरण से सर्दियों में बीमारी से काफी हद तक बचा जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए टाइम्स नाउ की यह रिपोर्ट भी पढ़ें।

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