वेलिंग्टन में शनिवार 7 नवंबर को खेले गए दूसरे वनडे में भारतीय तेज़ गेंदबाज़ गुरनूर बराड़ ने ऐसा धमाका किया कि सबकी नज़रें उन पर टिक गईं। गुरनूर बराड़ ने सिर्फ 30 रन देकर 4 विकेट झटके और भारत को न्यूजीलैंड पर 4 रन की रोमांचक जीत दिलाई। दरअसल यह उनके वनडे करियर का पहला चार विकेट वाला स्पेल था, जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। वहीं इस जीत से भारत ने पांच मैचों की सीरीज़ में 2-0 की बढ़त बना ली है।
गुरनूर बराड़ की कहानी बेहद दिलचस्प है, क्योंकि कुछ साल पहले तक वह बास्केटबॉल के खिलाड़ी थे। दरअसल कप्तान शुबमन गिल ने उन्हें सिर्फ एक सेशन में गेंदबाज़ी करते देखा और तुरंत फोन करके उन्हें अंडर-23 टीम में शामिल कराने की बात कही। इसके बाद से ही कोच गौतम गंभीर और चयनकर्ता उन पर नज़र रखे हुए थे, और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के कोचों को उनमें रेड-बॉल गेंदबाज़ दिखा। वहीं गुरनूर ने डेल स्टेन के वीडियो देखे और मॉर्ने मॉर्कल से भी सीखा।
गुरनूर बराड़: वेलिंग्टन में कैसे पलटा मैच
वेलिंग्टन की पिच पर गुरनूर बराड़ ने धैर्य और उछाल का ऐसा मेल दिखाया कि कीवी बल्लेबाज़ परेशान हो गए। उन्होंने एक ही ओवर में टॉम लैथम और ग्लेन फिलिप्स को आउट किया, और एक डबल विकेट मेडन ओवर भी फेंका। दरअसल उनके स्पेल से न्यूजीलैंड 41 ओवर में सिर्फ 134 रन पर सिमट गई, और भारत ने बारिश वाले मैच में डकवर्थ-लुईस नियम से 4 रन से जीत दर्ज की। हालांकि भारत की बल्लेबाज़ी भी 113/7 पर लड़खड़ा गई थी, लेकिन गुरनूर के 4 विकेटों ने मैच भारत के पक्ष में कर दिया था।
दो मैचों में 7 विकेट लेकर गुरनूर बराड़ इस सीरीज़ में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ बन गए हैं। उन्होंने इस सफलता का श्रेय विराट कोहली, रोहित शर्मा और कप्तान शुबमन गिल को दिया है, जिनकी सलाह ने मुश्किल दौर में उनकी मदद की। दरअसल भारतीय टीम अब ऐसे दूसरे तेज़ गेंदबाज़ की तलाश में है जो जसप्रीत बुमराह के साथ मिलकर बीच के ओवरों में विकेट निकाल सके, और गुरनूर इस भूमिका में सबसे आगे दिख रहे हैं। वहीं प्रसिद्ध कृष्णा जैसे गेंदबाज़ों से उनकी टक्कर भी जारी रहेगी।
अब सबकी नज़रें मंगलवार 10 नवंबर को हैमिल्टन में होने वाले तीसरे वनडे पर हैं, जहां भारत सीरीज़ पर कब्ज़ा करने के इरादे से उतरेगा। गौरतलब है कि भारत ने वेलिंग्टन में 4 रन से जीतकर सीरीज़ में 2-0 की बढ़त बना ली है। कुल मिलाकर, बास्केटबॉल कोर्ट से भारतीय क्रिकेट टीम तक का गुरनूर बराड़ का सफर युवा खिलाड़ियों के लिए बड़ी प्रेरणा है। अधिक जानकारी के लिए इंडियन एक्सप्रेस की यह रिपोर्ट भी पढ़ें।






