धन्वंतरि जयंती पर आयुष मंत्रालय ने दिए सेहत के आसान मंत्र! खानपान से दिनचर्या तक, जानें 5 बड़ी बातें

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धन्वंतरि जयंती पर आयुष मंत्रालय ने दिए सेहत के आसान मंत्र! खानपान से दिनचर्या तक, जानें 5 बड़ी बातें
फोटो: अरुणराज / आयुर्वेद स्रोत (साभार)

धन्वंतरि जयंती के मौके पर आयुष मंत्रालय ने सेहत से जुड़े आसान मंत्र बताए हैं। इस साल धन्वंतरि जयंती शुक्रवार 6 नवंबर 2026 को धनतेरस के दिन मनाई गई, जिसे आयुर्वेद के जनक और देवताओं के वैद्य भगवान धन्वंतरि को समर्पित माना जाता है। दरअसल मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करके लोगों से आयुर्वेद की समृद्ध परंपरा अपनाने और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की अपील की है। वहीं मंत्रालय का कहना है कि धन-दौलत के साथ सेहत का ध्यान रखना भी बेहद ज़रूरी है, क्योंकि असली समृद्धि तभी है जब इंसान स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी सके।

खानपान को लेकर मंत्रालय ने रोज़ाना की डाइट में दाल, हरी सब्ज़ियां, मौसमी फल, साबुत अनाज और दूसरे पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करने की सलाह दी है। इसके साथ ही आयुर्वेद के पारंपरिक नियमों में भूख लगने पर ही भोजन करने की बात कही गई है, क्योंकि पाचन शक्ति यानी अग्नि को सेहत का अहम आधार माना जाता है। वहीं मौसम के अनुसार खानपान बदलने की परंपरा यानी ऋतुचर्या को भी सेहतमंद जीवन का ज़रूरी हिस्सा बताया गया है।

धन्वंतरि जयंती: आयुर्वेद के 5 पारंपरिक नियम जो सेहत की बुनियाद हैं

दिनचर्या को लेकर आयुर्वेद में सुबह जल्दी उठने को स्वस्थ जीवन की शुरुआत माना गया है, जिसे ब्रह्म मुहूर्त में उठने की आदत कहा जाता है। इसके साथ ही समय पर सोना, सुबह जल्दी उठना, भोजन का सही समय तय करना और पर्याप्त नींद लेना शरीर और मन दोनों के लिए फायदेमंद है। वहीं वयस्कों को आमतौर पर 7 से 9 घंटे की नींद लेने की सलाह दी जाती है, क्योंकि अच्छी नींद सेहत का ज़रूरी हिस्सा मानी जाती है।

रोज़ाना कुछ समय शारीरिक गतिविधियों के लिए निकालना भी उतना ही ज़रूरी बताया गया है। टहलना, योग, प्राणायाम और हल्का व्यायाम शरीर को सक्रिय रखने में मदद कर सकते हैं, जबकि समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाने से संभावित समस्याओं की पहचान समय रहते हो सकती है। हालांकि यह भी ध्यान रहे कि आयुर्वेदिक परंपराओं में बताए गए हर उपाय को हर व्यक्ति पर एक जैसा लागू नहीं किया जा सकता, इसलिए सेहत से जुड़ी कोई भी बड़ी आदत अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।

कुल मिलाकर, धन्वंतरि जयंती सिर्फ पूजा-पाठ का दिन नहीं है, बल्कि अपनी सेहत को प्राथमिकता देने की सीख भी देता है। युवाओं में हाई BP और स्ट्रोक का बढ़ता खतरा भी यही बताता है कि छोटी-छोटी आदतें लंबे समय में बड़ी सेहत बना सकती हैं। अधिक जानकारी के लिए News Nation की रिपोर्ट देखी जा सकती है।

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