दिवाली पर मिठाई का चमकता वर्क हो सकता है नकली! खरीदने से पहले जान लें पहचानने का ये आसान तरीका

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दिवाली पर मिठाई का चमकता वर्क हो सकता है नकली! खरीदने से पहले जान लें पहचानने का ये आसान तरीका
फोटो: ज़ोमैटो / टेलीग्राफ इंडिया (साभार)

रविवार 8 नवंबर को दिवाली है और घरों में मिठाइयों की खरीदारी ज़ोरों पर है। नकली चांदी वर्क को लेकर इस बार खाद्य सुरक्षा विभाग और डॉक्टरों ने सख्त चेतावनी जारी की है, क्योंकि बाजार में बिकने वाली कई मिठाइयों पर असली चांदी की जगह एल्युमिनियम की पन्नी लगाई जा रही है। दरअसल काजू कतली और बर्फी पर चमकता वर्क जितना सुंदर लगता है, सेहत के लिए उतना ही खतरनाक हो सकता है। वहीं महाराष्ट्र FDA ने मिलावट के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान भी शुरू किया है।

महाराष्ट्र FDA के आयुक्त तुकाराम मुंधे ने 5 नवंबर को जारी सलाह में खरीदारों से मिठाई खरीदते समय खास सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने असली-नकली वर्क की पहचान का आसान तरीका भी बताया है। उनके मुताबिक वर्क को हथेली पर रगड़कर देखें — असली चांदी घुल जाती है, जबकि एल्युमिनियम पतली पन्नी या गोली के रूप में लिपट जाता है। हालांकि यह घरेलू जांच सिर्फ एक संकेत देती है, अंतिम पुष्टि के लिए लैब टेस्ट ही ज़रूरी होता है।

नकली चांदी वर्क: 99% नमूने नकली मिले, लिवर-किडनी को खतरा

दैनिक भास्कर की जांच में राजस्थान में चांदी के वर्क के करीब 99% नमूने नकली मिले थे, जिनमें एल्युमिनियम और कैडमियम मिले थे। FSSAI के मानक के मुताबिक खाने वाले चांदी के वर्क में कम से कम 99.9% शुद्ध चांदी होनी चाहिए, जबकि एल्युमिनियम, कैडमियम या निकल की मिलावट बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। वहीं गाजियाबाद के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आरके पोद्दार ने चेतावनी दी है कि नकली वर्क वाली मिठाई से एसिडिटी, पाचन की परेशानी और लूज मोशन हो सकता है। इसके अलावा हानिकारक धातुओं की अधिक मात्रा से लिवर और किडनी पर भी बुरा असर पड़ सकता है।

खरीदारी में कुछ बातों का ध्यान रखकर इस खतरे से बचा जा सकता है। FDA की सलाह के मुताबिक सिर्फ लाइसेंस वाली दुकानों से ही मिठाई खरीदें और बिना लेबल वाली, एक्सपायर्ड या ज़रूरत से ज़्यादा चमकदार मिठाइयों से दूर रहें। खट्टी गंध, चिपचिपाहट या फफूंदी वाली मिठाइयां बिल्कुल न खाएं, क्योंकि ये खराब भंडारण का संकेत हैं। वहीं डायबिटीज़ और दिल के मरीज़ मिठाइयां सीमित मात्रा में ही खाएं, और ‘शुगर-फ्री’ मिठाइयों को भी बिना सीमा के खाना सुरक्षित नहीं माना जाता।

कुल मिलाकर, दिवाली की मिठाइयों का मज़ा तभी है जब वे शुद्ध और सुरक्षित हों। अगर किसी मिठाई के वर्क पर शक हो तो बिना वर्क वाली मिठाई चुनें, क्योंकि वर्क सेहत के लिए ज़रूरी नहीं है। मिलावट की शिकायत के लिए महाराष्ट्र FDA की टोल-फ्री हेल्पलाइन 18002223365 या FSSAI के ‘Food Safety Connect’ ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है। दिवाली के शुभ मुहूर्त और पूजा विधि की जानकारी के लिए हमारा यह लेख भी पढ़ें। अधिक जानकारी के लिए TOI की रिपोर्ट देखी जा सकती है।

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