मेनोपॉज के बाद महिलाओं की हड्डियां तेजी से कमजोर होने लगती हैं, लेकिन एक नई 12 महीने की क्लिनिकल स्टडी ने इस समस्या से निपटने का एक आसान रास्ता दिखाया है, क्योंकि कैल्शियम से भरपूर व्हे परमिएट लेने वाली महिलाओं की हड्डियों का घनत्व पूरे साल बना रहा। दरअसल, यह RENEW ट्रायल डेनमार्क में किया गया था, जिसमें 316 पोस्टमेनोपॉजल महिलाओं ने हिस्सा लिया और सभी को विटामिन डी भी दिया गया था। वहीं, प्लेसबो लेने वाली महिलाओं की हड्डियों का घनत्व 12 महीने में घट गया। हालांकि, शोधकर्ताओं ने साफ कहा है कि यह नतीजा हड्डी के घनत्व को बनाए रखने का है, न कि फ्रैक्चर रोकने का पक्का सबूत।
इस ट्रायल में महिलाओं को रोजाना 800 मिलीग्राम कैल्शियम दो खुराकों में दिया गया था, जिसमें एक ग्रुप को व्हे परमिएट से बना कैल्शियम मिला, दूसरे को आम कैल्शियम कार्बोनेट और तीसरे को प्लेसबो दिया गया था। दरअसल, व्हे परमिएट वाले ग्रुप में हड्डी के टूटने-जुड़ने के मार्करों में तीसरे महीने से ही धीमी गति दिखने लगी थी। वहीं, व्हे परमिएट के साथ इनुलिन नाम का प्रीबायोटिक फाइबर मिलाने से कोई अतिरिक्त फायदा नहीं मिला। हालांकि, यह स्टडी मंगलवार 20 अक्टूबर को विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस पर सामने आई थी।
महिलाओं की हड्डियां कैल्शियम: रोज कितना चाहिए
महिलाओं की हड्डियां कैल्शियम की सही मात्रा पर ही लंबे समय तक मजबूत रहती हैं, क्योंकि डॉक्टरों के मुताबिक 50 साल से ऊपर की महिलाओं को रोज करीब 1200 मिलीग्राम कैल्शियम और 800 आईयू विटामिन डी चाहिए होता है। हालांकि, कैल्शियम पहले खाने से लेना सबसे अच्छा माना जाता है, जिसमें दूध-दही, हरी पत्तेदार सब्जियां और फोर्टिफाइड फूड शामिल हैं। वहीं, शुक्रवार 23 अक्टूबर को जयपुर के विशेषज्ञों ने भी कहा था कि संतुलित आहार, नियमित गतिविधि और समय पर जांच से फ्रैक्चर का खतरा कम किया जा सकता है। दरअसल, रेजिस्टेंस ट्रेनिंग और तेज चलना हड्डियों के घनत्व को बनाए रखने में मदद करते हैं।
ऑस्टियोपोरोसिस को अक्सर चुपचाप बढ़ने वाली बीमारी कहा जाता है, क्योंकि शुरुआती दौर में इसके लक्षण नजर नहीं आते और कई बार गिरने पर फ्रैक्चर से ही इसका पता चलता है। हालांकि, पीठ में लगातार दर्द, ऊंचाई का घटना और झुककर चलना इसके चेतावनी संकेत हो सकते हैं, इसलिए जोखिम वाली महिलाओं को बोन डेंसिटी जांच करानी चाहिए। वहीं, सप्लीमेंट शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, क्योंकि कैल्शियम की सुरक्षित ऊपरी सीमा 2500 मिलीग्राम और विटामिन डी की 4000 आईयू मानी जाती है। कुल मिलाकर, सही खाना, रोजाना कसरत और समय पर जांच ही हड्डियों को मजबूत रखने का सबसे भरोसेमंद तरीका है।
आपका दिमाग सिकुड़ रहा है? 30-40 की उम्र में विटामिन D का ये खुलासा जानकर चौंक जाएंगे | स्रोत: Medindia






