लगोरी, रस्साकशी और ज़ुम्बा! 500 युवाओं ने खेल-खेल में दिया ये बड़ा संदेश — जानें क्या हुआ

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लगोरी, रस्साकशी और ज़ुम्बा! 500 युवाओं ने खेल-खेल में दिया ये बड़ा संदेश — जानें क्या हुआ
तस्वीरें प्रतीकात्मक हैं: इम्पैक्टस और बिशप मूर कॉलेज। कोलाज: द फोकस वर्ल्ड।

गुजरात के गांधीनगर में शनिवार 24 अक्टूबर को एक ऐसा कार्यक्रम हुआ, जिसमें खेल के मैदान पर ही युवाओं को सेहत और जीवनशैली का सबसे बड़ा सबक सिखाया गया। भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के क्षेत्रीय केंद्र गांधीनगर ने ‘माय भारत’ के साथ मिलकर फिट इंडिया मूवमेंट के तहत नशा मुक्त भारत अभियान का आयोजन किया, जिसकी थीम ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत’ रखी गई। हालांकि यह कार्यक्रम एक दिन का था, लेकिन इसमें शामिल हुए करीब 500 युवाओं का संदेश लंबे समय तक याद रखा जाएगा, क्योंकि उन्होंने खेल-खेल में ही नशे से दूर रहने का संकल्प लिया।

यह कार्यक्रम गांधीनगर के अडालज स्थित हार्टफुलनेस सेंटर में आयोजित हुआ, जिसमें बिहार, ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव केंद्र शासित प्रदेश के युवा शामिल हुए। दरअसल सभी प्रतिभागियों को राज्यवार टीमों में बांटा गया था, ताकि मुकाबले में टीम भावना, अनुशासन और एक-दूसरे के प्रति सम्मान का माहौल बने। वहीं कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक वार्म-अप सत्र से हुई, जिसके बाद पर्वतारोही और फिट इंडिया मूवमेंट की ब्रांड एंबेसडर निशा कुमारी ने युवाओं को संबोधित किया और उन्हें नशा मुक्त भारत की शपथ दिलाई।

नशा मुक्त भारत अभियान: लगोरी से ज़ुम्बा तक, हर खेल में छिपा संदेश

इस शपथ में युवाओं ने तंबाकू, शराब और अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने और रोजमर्रा की जिंदगी में सेहतमंद विकल्प चुनने का वादा किया। इसके बाद मैदान पर पारंपरिक खेलों का दौर शुरू हुआ, जिसमें लगोरी (सात पत्थर), रस्साकशी, बोरी दौड़, नशा मुक्त भारत थीम पर आधारित सांप-सीढ़ी, ‘नॉक आउट नशा’ कैन टॉस, ‘चूज़ फिटनेस’ रिंग टॉस, फिट इंडिया फिटनेस चैलेंज और पेनल्टी शूट-आउट शामिल थे। वहीं अलग-अलग ज़ोन में आयोजित इन चुनौतियों में प्रतिभागियों की फुर्ती, गति, तालमेल, सटीकता और टीम वर्क की परख हुई, और अंत में विजेताओं को सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम का एक और आकर्षण ज़ुम्बा सत्र रहा, जिसमें संगीत के साथ युवाओं ने फिटनेस का आनंद लिया। हालांकि नशे की लत से लड़ना सिर्फ एक कार्यक्रम से संभव नहीं है, लेकिन जब 500 युवा एक साथ मैदान पर खड़े होकर सेहतमंद जीवन का संकल्प लेते हैं, तो उसका असर उनके परिवार और मोहल्ले तक भी पहुंचता है।

इस आयोजन का बड़ा संदेश यही है कि नशे से दूर रहने का सबसे अच्छा तरीका खाली समय को खेल, फिटनेस और सकारात्मक गतिविधियों से भरना है। चेन्नई पिंक वॉक में 1,250 लोगों के संदेश की खबर यहां पढ़ें और गांधीनगर कार्यक्रम पर IANS की रिपोर्ट यहां देखें।

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