शहरों में काम करने वाले लोगों की सेहत को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि शहरी कर्मचारियों में ब्लड शुगर की गड़बड़ी अब 30 की उम्र में ही दिखने लगी है। Loop Health की Workforce Health Index (WHI) 2026 रिपोर्ट के मुताबिक, कर्मचारियों और उनके आश्रितों को मिलाकर 38.7 फीसदी लोगों में ब्लड शुगर डिसफंक्शन पाया गया है। यह रिपोर्ट 8,16,000 से ज्यादा लैब वैल्यू, 11,400 हेल्थ रिपोर्ट्स और 9,000 सर्वे जवाबों पर आधारित है। हालांकि, सबसे चिंता की बात यह है कि इनमें से सिर्फ 5.8 फीसदी लोगों को ही पहले से डायबिटीज होने की जानकारी थी, यानी ज्यादातर लोग अपनी इस समस्या से अनजान हैं।
रिपोर्ट के आंकड़े उम्र के साथ बढ़ता खतरा साफ दिखाते हैं, क्योंकि 20 की उम्र में ब्लड शुगर की गड़बड़ी 16.7 फीसदी लोगों में मिली, जबकि 30 की उम्र में यह बढ़कर 33 फीसदी और 40 की उम्र में 52.9 फीसदी तक पहुंच गई। कर्मचारियों में 31.3 फीसदी में HbA1c जांच के आधार पर ब्लड शुगर की गड़बड़ी पाई गई। मुंबई में यह समस्या 46.8 फीसदी के साथ सबसे ज्यादा और बेंगलुरु में 30.7 फीसदी के साथ सबसे कम रही।
ब्लड शुगर रिपोर्ट के चौंकाने वाले आंकड़े और विटामिन की कमी
रिपोर्ट में पोषण की कमी भी एक बड़ी चिंता के रूप में उभरी है, क्योंकि 81.4 फीसदी विटामिन D रिपोर्ट्स में इसकी मात्रा पर्याप्त स्तर से कम पाई गई, जिनमें 60.1 फीसदी लोग कमी या गंभीर कमी की श्रेणी में थे। दरअसल, विटामिन D की खुराक लेने वालों का आंकड़ा भी घटा है, जो पिछले साल 26.2 फीसदी था और इस साल घटकर 20.4 फीसदी रह गया है। वहीं, 73.9 फीसदी कर्मचारियों की रिपोर्ट्स में विटामिन B12 भी कम पाया गया। इसके बाद, महिलाओं में एनीमिया की स्थिति भी गंभीर दिखी, क्योंकि 34.6 फीसदी महिला रिपोर्ट्स में हीमोग्लोबिन 12 g/dL से कम था।
हालांकि, रिपोर्ट सिर्फ ब्लड शुगर और विटामिन तक सीमित नहीं है, क्योंकि इसमें नींद और तनाव की भी चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। सर्वे में 30.7 फीसदी लोगों ने रात में 6 घंटे से कम सोने की बात कही, जबकि 40.4 फीसदी ने उच्च तनाव महसूस करने की जानकारी दी।
रिपोर्ट के विशेषज्ञों का कहना है कि ये खतरे महसूस होने से बहुत पहले ही दिखने लगते हैं, इसलिए रोकथाम की शुरुआत जांच से ही होनी चाहिए। उनका सुझाव है कि कामकाजी लोगों को नियमित रूप से HbA1c और विटामिन स्तर की जांच करानी चाहिए, ताकि समस्या बढ़ने से पहले ही पकड़ी जा सके। वहीं, संतुलित खानपान, पर्याप्त नींद और तनाव प्रबंधन को भी उतना ही जरूरी बताया गया है।
विटामिन D और दिमाग पर स्टडी भी पढ़ें — 30-40 की उम्र में क्या खुलासा हुआ | स्रोत: ETHealthworld






