भारतीय खाद्य सुरक्षा नियामक FSSAI ने 16 अक्टूबर को जारी एक मसौदा अधिसूचना में छह महीने से छोटे शिशुओं के बेबी फूड में चीनी यानी सुक्रोज़ और फ्रक्टोज़ पर रोक लगाने का प्रस्ताव रखा है। यह प्रस्ताव शिशु पोषण नियमों, 2020 में संशोधन के तहत लाया गया है। हालांकि यह अभी मसौदा ही है, जिस पर 60 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं। वहीं शिशुओं की सेहत के लिहाज़ से इस कदम को काफी अहम माना जा रहा है।
बेबी फूड में चीनी पर रोक लगाने के पीछे क्या है वजह
दरअसल, मौजूदा नियमों में शिशु पोषण उत्पादों में कार्बोहाइड्रेट के स्रोत के रूप में लैक्टोज़ और ग्लूकोज़ पॉलिमर को प्राथमिकता दी जाती है। सुक्रोज़ या फ्रक्टोज़ तभी मिलाए जा सकते हैं जब इनकी ज़रूरत हो और वह भी तय सीमा के अंदर। इसके बाद नए मसौदे में यह शर्त जोड़ी जा रही है कि छह महीने तक के शिशुओं के उत्पादों में सुक्रोज़ और फ्रक्टोज़ बिल्कुल नहीं मिलाए जाएंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि जन्म के बाद पहले छह महीने बच्चे के विकास के लिए सबसे नाज़ुक दौर होते हैं।
वहीं मंत्रालय का तर्क है कि इतनी छोटी उम्र में मीठे का स्वाद बच्चे की खानपान की आदतों को शुरू से ही बिगाड़ सकता है। ऐसे में जन्म से ही अतिरिक्त चीनी के संपर्क को कम करना मोटापे और उससे जुड़ी बीमारियों से बचाने में मदद करेगा। रिपोर्टों के मुताबिक 2021 में भारत में करीब 18 करोड़ वयस्क मोटापे की श्रेणी में थे, और The Lancet के अनुसार 2050 तक यह संख्या 45 करोड़ तक पहुंच सकती है। हालांकि 6 से 24 महीने के बच्चों के उत्पादों में इनका इस्तेमाल मौजूदा सीमा के साथ जारी रह सकेगा।
इस प्रस्ताव के अंतिम रूप लेने पर ही नियम बनेगा, यानी कंपनियों और उपभोक्ताओं के पास तैयारी का समय रहेगा। दरअसल, यह कदम खाद्य सुरक्षा को लेकर चल रही व्यापक मुहिम का हिस्सा है। हाल में FSSAI ने पैकेज्ड फूड पर फ्रंट-ऑफ-पैक चेतावनी लेबल का प्रस्ताव भी रखा था। भारत में प्रोटीन और फाइबर की कमी पर हाल के शोध को आप यहां पढ़ सकते हैं, और शिशु पोषण पर नए नियम की विस्तृत जानकारी The Indian Express की इस रिपोर्ट में दी गई है।
हालांकि नियम लागू होने तक माता-पिता के लिए सबसे सुरक्षित रास्ता यही है कि पहले छह महीने तक शिशु को केवल स्तनपान कराएं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि यह प्रस्ताव छह महीने तक केवल स्तनपान की प्रथा का समर्थन करता है। बाजार से शिशु आहार खरीदते समय लेबल पर ‘ingredients’ सूची ज़रूर पढ़ें और sucrose या fructose जैसे शब्दों की तलाश करें। वहीं अगर बेबी फूड लेना ही पड़े तो ऐसा उत्पाद चुनें जिसमें अतिरिक्त चीनी की मात्रा सबसे कम हो।






