जिम में पसीना बहाकर केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी ने युवाओं से की ये अपील, जानिए क्या कहा

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जिम में पसीना बहाकर केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी ने युवाओं से की ये अपील, जानिए क्या कहा
फोटो: नेशन प्रेस (बाएं, ओपन जिम उद्घाटन समारोह) और क्रियाज़िला (दाएं, पार्क में खुले जिम पर कसरत करते नागरिक)

देश के युवाओं के लिए सेहत का एक खास संदेश शुक्रवार को हैदराबाद से सामने आया। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री किशन रेड्डी ने युवाओं से फिटनेस की आदत को अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बनाने की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखे अपने संदेश में कहा कि रोज़ थोड़ा समय एक्सरसाइज के लिए निकालने से शरीर स्वस्थ रहता है, दिमाग़ तेज़ होता है और ज़िंदगी ज्यादा ऊर्जावान बनती है।

फिटनेस की आदत क्यों है ज़रूरी

केंद्रीय मंत्री ने शुक्रवार 16 अक्टूबर को हैदराबाद के खैरताबाद स्थित उमा नगर कॉलोनी में एक ओपन जिम का उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद उन्होंने खुद भी जिम के उपकरणों पर एक्सरसाइज की और वहां मौजूद लोगों को नियमित कसरत के लिए प्रेरित किया। दरअसल मौजूदा दौर में युवाओं की बड़ी आबादी की दिनचर्या स्क्रीन और बैठे-बैठे किए जाने वाले काम के इर्द-गिर्द सिमट गई है, जिससे मोटापा, ब्लड प्रेशर और मानसिक तनाव जैसी दिक्कतें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में उनकी यह अपील सिर्फ एक सलाह नहीं, बल्कि बदलती जीवनशैली को लेकर एक चेतावनी भी है।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार का फिट इंडिया अभियान वर्ष 2019 से देशभर में नियमित शारीरिक गतिविधि को बढ़ावा दे रहा है। हाल ही में 11 अक्टूबर को वाराणसी में ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ के 94वें संस्करण का नेतृत्व केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने किया था, जिसमें एशियाई खेलों के पदक विजेता खिलाड़ी भी शामिल हुए थे। वहीं दूसरी ओर विशेषज्ञों का मानना है कि फिटनेस किसी एक दिन के कार्यक्रम या महंगे साधनों से नहीं आती, बल्कि रोज़ की छोटी-छोटी आदतों का नतीजा होती है।

युवाओं के लिए सबसे बड़ी सीख यही है कि फिटनेस की शुरुआत भारी जिम से नहीं होती। रोज़ 20 से 30 मिनट टहलना, साइकिल चलाना या घर के नज़दीकी पार्क में लगे खुले जिम के उपकरणों पर कसरत करना भी काफी असरदार साबित हो सकता है। इसके साथ संतुलित खानपान और पर्याप्त नींद को भी दिनचर्या में जगह देनी चाहिए। अगर आज से ही छोटा-सा संकल्प लिया जाए तो आने वाले सालों में शरीर इस निवेश का पूरा फायदा लौटाएगा। दिल के डॉक्टरों ने हाल ही में यह भी साफ किया है कि रोज़ाना 10,000 कदम वाला पुराना नियम अब पूरी तरह लागू नहीं होता — अहम कदमों की गिनती नहीं, बल्कि नियमित सक्रियता है। (स्रोत: नेशन प्रेस)

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि फिटनेस की आदत डालने के लिए सबसे पहले सुबह या शाम का एक तय समय चुनें और उसे किसी भी बहाने टालें नहीं। शुरुआत में हल्की एक्सरसाइज से काम शुरू करें और धीरे-धीरे इसकी अवधि और तीव्रता बढ़ाएं। एक बार यह आदत पड़ जाए तो कसरत बोझ नहीं, बल्कि दिन का सबसे ताज़गी भरा हिस्सा बन जाती है।

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