दिन में बार-बार झपकी? नई स्टडी बोली—डिमेंशिया का शुरुआती संकेत, जानिए वजह

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दिन में बार-बार झपकी? नई स्टडी बोली—डिमेंशिया का शुरुआती संकेत, जानिए वजह
तस्वीरें: scitechdaily.com (बाएं), sleepreviewmag.com (दाएं) — प्रतीकात्मक। स्रोत: medicalxpress.com, drugs.com (HealthDay)

अगर आपको दिन में बार-बार झपकी आती है तो ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। वैज्ञानिकों की एक नई झपकी डिमेंशिया स्टडी ने चेताया है कि रोजाना झपकी लेने वाले बुजुर्गों में डिमेंशिया का खतरा कहीं ज्यादा होता है। हालांकि शोधकर्ताओं ने साफ किया है कि झपकी और डिमेंशिया के बीच ये सिर्फ एक जुड़ाव है, न कि साबित किया गया कारण। इसके बावजूद निष्कर्ष इतने अहम हैं कि विशेषज्ञ इन्हें डिमेंशिया की शुरुआती चेतावनी की तरह देख रहे हैं।

झपकी डिमेंशिया अध्ययन के 3 बड़े निष्कर्ष

ये अध्ययन अमेरिका की जॉन्स हॉपकिंस ब्लूमबर्ग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के वैज्ञानिकों ने किया है। इसमें 65 साल से ज्यादा उम्र के 990 से ज्यादा लोगों को साल 2013 से लेकर दस साल तक ट्रैक किया गया, और शुरुआत में इनमें से किसी को डिमेंशिया नहीं था। नतीजों में पाया गया कि जिन लोगों ने ज्यादातर दिन या रोजाना झपकी ली, उनमें डिमेंशिया का खतरा 48 फीसदी ज्यादा रहा।

इसके अलावा जो लोग बिना इरादे के ही झपकियों में चले जाते थे, उनमें ये खतरा 39 फीसदी अधिक पाया गया। वहीं जिनकी झपकी 30 मिनट या उससे कम की होती थी, उनमें भी डिमेंशिया का खतरा 40 फीसदी ज्यादा था। दरअसल शोधकर्ताओं का कहना है कि बार-बार झपकी आना दिमाग में हो रहे शुरुआती बदलावों का संकेत हो सकता है, न कि डिमेंशिया पैदा करने वाली वजह।

भारत में क्यों जरूरी है ये स्टडी

भारत में भी 60 से ज्यादा उम्र की आबादी तेजी से बढ़ रही है और डिमेंशिया के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे में दिन में झपकी की आदत को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। वहीं विशेषज्ञ बुजुर्गों में झपकी के पैटर्न पर ध्यान देने और नींद की आदतों को ट्रैक करने की सलाह दे रहे हैं। हालांकि भारत में इस विषय पर अभी कोई बड़ा अध्ययन नहीं हुआ है, इसलिए नतीजों को सावधानी के साथ लेना जरूरी है।

अच्छी नींद की आदतों के लिए डॉक्टर रात में समय पर सोने, दिन में धूप में टहलने और स्क्रीन टाइम कम करने की सलाह देते हैं। अगर आपको दिन में बार-बार नींद के झटके लगते हैं या बिना इरादे ही सो जाते हैं तो डॉक्टर से जरूर मिलें। उम्र बढ़ने से जुड़ी गलत आदतों पर हमारी पिछली हेल्थ स्टडी रिपोर्ट भी जरूर पढ़ें। वहीं इस शोध की पूरी जानकारी HealthDay की रिपोर्ट में उपलब्ध है।

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