इंदौर में रविवार 15 नवंबर को होने वाले दिलजीत दोसांझ इंदौर कॉन्सर्ट से पहले बड़ी खबर सामने आई है। जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने सी-21 मॉल प्रबंधन को नोटिस भेजकर दिलजीत के चार मशहूर गानों को कॉन्सर्ट में न गाने का निर्देश दिया है। दरअसल इन गानों के बोलों को छोटे बच्चों पर गलत असर डालने वाला बताया गया है, इसलिए इन पर रोक लगाई गई है। वहीं यह कॉन्सर्ट दिलजीत के ऑरा इंडिया टूर का हिस्सा है, जिसके लिए इंदौर के प्रशंसक लंबे समय से इंतजार कर रहे थे।
नोटिस में जिन चार गानों का नाम है, वे दिलजीत के सबसे लोकप्रिय गानों में से हैं। इनमें ‘पटियाला पेग’, ‘5 तारा’, ‘जीब विचों अफीम’ यानी ‘केस’ और ‘जट्ट उठे फायर करदा’ शामिल हैं। दरअसल अधिकारियों का कहना है कि यह कॉन्सर्ट पांच साल से ऊपर के बच्चों के लिए खुला है, इसलिए ऐसे बोलों का उन पर गलत असर पड़ सकता है। वहीं इन गानों में शराब, नशे और हथियारों का जिक्र है, जिसे लेकर पहले भी कई बार बहस हो चुकी है।
दिलजीत दोसांझ इंदौर कॉन्सर्ट: किन 4 गानों पर लगी रोक
नोटिस में जुलाई 2019 के पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश का भी हवाला दिया गया है, जिसमें नशे और हिंसा को बढ़ावा देने वाले गानों पर चिंता जताई गई थी। इस पूरे मामले की शुरुआत चंडीगढ़ के प्रोफेसर पंडितराव धारेनावर की शिकायत से हुई थी, जिन्होंने रविवार 1 नवंबर को शिकायत दर्ज कराई थी। दरअसल धारेनावर ने मांग की थी कि दिलजीत इन चार गानों को बिल्कुल न गाएं, चाहे बोल बदलकर ही क्यों न गाया जाए। वहीं धारेनावर 2019 के उसी मामले में याचिकाकर्ता भी रह चुके हैं, जिस पर हाईकोर्ट ने अपना आदेश दिया था।
हालांकि अधिकारियों ने साफ किया है कि यह पाबंदी सिर्फ इन चार गानों तक सीमित है, पूरा कॉन्सर्ट रद्द नहीं किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक बच्चों को स्टेज पर नहीं बुलाया जाएगा और दिलजीत को नकली गोली-बेल्ट पहनने से भी मना किया गया है। दरअसल दिलजीत पंजाबी संगीत के सबसे बड़े सितारों में से एक हैं और उनके गाने दुनियाभर में सुने जाते हैं, इसलिए इंदौर के प्रशंसकों को इस बार उन चार गानों की कमी जरूर खलेगी। वहीं अमिताभ बच्चन के नाम और चेहरे के इस्तेमाल पर दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले की तरह यह मामला भी मनोरंजन जगत में कानून और कलाकार की आजादी की बहस को फिर से हवा दे गया है। कुल मिलाकर, कॉन्सर्ट तय समय पर होगा, लेकिन सेटलिस्ट से चार हिट गाने गायब रहेंगे। अधिक जानकारी के लिए एनडीटीवी की यह रिपोर्ट भी पढ़ें।






