दिल्ली प्रदूषण बीमारी का खतरा सर्दी की दस्तक के साथ ही दिल्ली-एनसीआर में दोगुना हो गया है, क्योंकि ज़हरीली हवा के साथ मौसमी बीमारियों ने भी लोगों को घेरना शुरू कर दिया है। नवंबर की शुरुआत में ही दिल्ली की हवा पहली बार इस सीज़न में ‘वेरी पुअर’ श्रेणी में पहुंच गई थी, जब सुबह 9 बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स 312 दर्ज किया गया था, और बारिश व ठंडी हवाओं ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। हालांकि सर्दी हर साल आती है, लेकिन इस बार ठंड, बारिश और धुंध के एक साथ आने से अस्पतालों में खांसी, जुकाम और सांस की तकलीफ वाले मरीज़ों की संख्या बढ़ती दिख रही है।
पूर्वी दिल्ली के अस्पतालों में मौसमी बीमारियों के मरीज़ों की भीड़ बढ़ने की खबरें सामने आई हैं, जिनमें गुरु तेग बहादुर अस्पताल, स्वामी दयानंद अस्पताल, राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और जग प्रवेश चंद्र अस्पताल शामिल हैं। वहीं डॉक्टरों के मुताबिक, तापमान में अचानक गिरावट से शरीर को ढलने का मौका नहीं मिलता, जिससे वायरल बुखार, ब्रोंकाइटिस और अस्थमा जैसी दिक्कतें बढ़ जाती हैं। इसके बाद बारिश के बाद जमा पानी ने डेंगू का खतरा भी बढ़ा दिया है, क्योंकि ठहरे पानी में मच्छर पनपते हैं, इसलिए घरों के आसपास पानी जमा न होने दें।
दिल्ली प्रदूषण बीमारी से बचाव के आसान तरीके
बचाव के लिए डॉक्टरों की सबसे पहली सलाह यही है कि जब हवा की गुणवत्ता बहुत खराब हो, तो बिना ज़रूरत घर से बाहर न निकलें, और सुबह-शाम के पीक ट्रैफिक घंटों में बाहर जाने से बचें। वहीं बाहर जाना ज़रूरी हो तो एन95 या एन99 मास्क ज़रूर पहनें, क्योंकि यही मास्क बारीक पीएम2.5 कणों को रोकने में कारगर माने जाते हैं। इसके बाद घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल, सुबह-शाम खिड़कियां बंद रखना और भाप लेना भी सांस की नली को राहत देने के आसान उपाय बताए जा रहे हैं।
खानपान के मोर्चे पर विटामिन सी, विटामिन ई और ओमेगा-3 से भरपूर चीज़ें खाने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत करने में मदद करती हैं, और सर्दी में प्यास कम लगने के बावजूद पर्याप्त पानी पीना भी ज़रूरी है। वहीं मेदांता के डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने चेतावनी दी है कि गंभीर और बेहद गंभीर श्रेणी की हवा बच्चों, बुजुर्गों और दिल व सांस की बीमारी वाले लोगों के लिए सबसे ज़्यादा खतरनाक होती है। हालांकि ये सावधानियां छोटी लगती हैं, लेकिन इन्हें अपनाकर ही इस डबल खतरे वाले मौसम में खुद को और परिवार को सुरक्षित रखा जा सकता है। न्यूज़18 की रिपोर्ट के अनुसार, लक्षण बिगड़ने पर इलाज में देरी न करना भी उतना ही अहम है। मौसम और सेहत से जुड़ी ताज़ा खबरें आप यहां भी पढ़ सकते हैं।






