शुक्रवार 6 नवंबर को धनतेरस! जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और क्या खरीदना है शुभ, क्या नहीं

·

शुक्रवार 6 नवंबर को धनतेरस! जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और क्या खरीदना है शुभ, क्या नहीं
धनतेरस पर सोने की खरीदारी और दीप (फोटो: न्यूज़18 और आजतक से साभार)

शुक्रवार 6 नवंबर को धनतेरस 2026 मनाई जाएगी, जिसके साथ ही पांच दिन के दिवाली उत्सव की शुरुआत हो जाएगी। धनतेरस को धनत्रयोदशी और धन्वंतरि त्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है, और इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर की पूजा की जाती है। द्रिक पंचांग के अनुसार, त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर को सुबह 10:30 बजे शुरू होगी और 7 नवंबर को सुबह 10:47 बजे समाप्त होगी। हालांकि पूजा का सबसे शुभ समय शाम का प्रदोष काल माना जाता है, जब लक्ष्मी पूजन किया जाता है।

इस साल धनतेरस का शुभ मुहूर्त शाम 6:02 बजे से 7:57 बजे तक रहेगा, जो वृषभ लग्न के साथ मेल खाता है। प्रदोष काल शाम 5:33 बजे से रात 8:09 बजे तक रहेगा, और इसी दौरान घरों में दीप जलाने और पूजा करने की परंपरा है। वहीं शाम को सूर्यास्त के बाद यम दीपदान किया जाता है, जिसमें घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके मिट्टी का दीया जलाया जाता है। मान्यता है कि इससे परिवार की लंबी आयु और सुरक्षा की कामना पूरी होती है, इसलिए इस परंपरा को आज भी बड़े श्रद्धा भाव से निभाया जाता है।

धनतेरस 2026 की पूजा विधि और शुभ खरीदारी

पूजा विधि की शुरुआत घर की सफाई और सजावट से होती है, जिसमें मुख्य द्वार पर रंगोली बनाई जाती है और तोरण लगाए जाते हैं। इसके बाद चौकी पर लाल या पीले कपड़े पर धन्वंतरि, लक्ष्मी, कुबेर और गणेश की मूर्ति या तस्वीर स्थापित की जाती है, और घी का दीया, धूप, फूल, मिठाई, सिक्के और नई खरीदी गई वस्तुएं अर्पित की जाती हैं। दरअसल, धनतेरस पर सोना, चांदी, पीतल या तांबे के बर्तन, नई झाड़ू और धनिया खरीदना शुभ माना जाता है, और कई परिवार इस दिन लक्ष्मी-गणेश की चांदी की मूर्ति या सिक्के भी खरीदते हैं। हालांकि स्थानीय पंचांग के अनुसार मुहूर्त में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है, इसलिए अपने शहर के पंचांग से समय जरूर मिला लेना चाहिए।

वहीं कुछ परंपरागत मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस पर लोहा, कांच, नुकीली वस्तुएं जैसे चाकू-कैंची और काले रंग की चीजें खरीदने से बचना चाहिए। हालांकि ये मान्यताएं क्षेत्र और परिवार के हिसाब से अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए इन्हें श्रद्धा के साथ समझना ही बेहतर है। धनतेरस 2026 का पूरा मुहूर्त जानने के बाद अब परिवार दिवाली की तैयारियों में जुट गए हैं, क्योंकि लक्ष्मी पूजा रविवार 8 नवंबर को मनाई जाएगी। त्योहारों से जुड़ी और खबरें पढ़ने वाले पाठकों के लिए यह जानकारी इसलिए भी काम की है, क्योंकि धनतेरस की खरीदारी और पूजा का शुभ समय हर साल बदलता है, और सही मुहूर्त में पूजा करने से त्योहार का आनंद दोगुना हो जाता है।

thefocusworld