स्मॉग का मौसम लौटते ही माता-पिता की चिंता बढ़ जाती है, क्योंकि बच्चों पर स्मॉग का असर सिर्फ खांसी या आंखों में जलन तक सीमित नहीं रहता। सोमवार, 26 अक्टूबर को सामने आई डॉक्टरों की चेतावनी के मुताबिक, बच्चों के फेफड़े अभी विकसित हो रहे होते हैं, इसलिए बार-बार प्रदूषित हवा में सांस लेना उनके लिए लंबे समय तक नुकसानदायक हो सकता है। हालांकि बच्चा बाहर से स्वस्थ दिखे, फिर भी उसके फेफड़ों की वृद्धि पर असर पड़ सकता है। वहीं स्कूल जाते समय ट्रैफिक और बाहर खेलना बच्चों को प्रदूषण के संपर्क में ला सकता है।
बच्चों पर स्मॉग: फेफड़े क्यों ज्यादा खतरे में
बच्चों के फेफड़े और वायुमार्ग किशोरावस्था के आखिर तक विकसित होते रहते हैं, इसलिए उनकी सांस लेने की दर शरीर के आकार के हिसाब से ज्यादा होती है और वायुमार्ग भी संकरे होते हैं। दरअसल इसी वजह से वे बड़ों की तुलना में ज्यादा प्रदूषक अंदर ले लेते हैं। वहीं पूर्व विश्व स्वास्थ्य संगठन वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने गुरुवार, 22 अक्टूबर को चेतावनी दी थी कि प्रदूषण बच्चों के फेफड़ों के विकास को रोक रहा है और सीखने की क्षमता पर भी असर डाल रहा है। इसके बाद उन्होंने यह भी कहा था कि 24 घंटे में 22 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पार्टिकुलेट मैटर में सांस लेना एक सिगरेट पीने के बराबर माना जाता है।
चेतावनी के संकेत और बचाव के उपाय
माता-पिता को लगातार खांसी, घरघराहट, सांस फूलना, आंखों में पानी आना और बार-बार छींक जैसे लक्षणों पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि ये संकेत हो सकते हैं कि बच्चे को प्रदूषण से परेशानी हो रही है। हालांकि हर खांसी प्रदूषण की वजह से नहीं होती, लेकिन लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो डॉक्टर से सलाह लेना ही समझदारी है। वहीं बचाव के लिए पीक ट्रैफिक में बाहर निकलने से बचना, स्मॉग वाले दिनों में बाहरी खेल सीमित करना और जरूरत पड़ने पर सही मास्क का इस्तेमाल मददगार माना जाता है।
कुल मिलाकर स्मॉग से बच्चों को बचाना सिर्फ एक दिन का काम नहीं है, बल्कि पूरे मौसम की सावधानी है, क्योंकि फेफड़ों का विकास एक बार प्रभावित हुआ तो उसका असर वयस्क होने तक रह सकता है। हालांकि घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि लक्षणों पर नजर और सही समय पर डॉक्टर की सलाह ही सबसे बड़ा बचाव है। वहीं दिल्ली की हवा से जुड़ी ताजा स्थिति जानने के लिए पढ़ें दिल्ली की हवा और यमुना से जुड़ी खबर, और बच्चों पर स्मॉग के असर की मूल रिपोर्ट देखें News18 की स्मॉग और बच्चों के फेफड़ों पर रिपोर्ट।






