धनतेरस पर सोने की खरीदारी में धमाका! जानें कितने लाख करोड़ का हुआ कारोबार

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धनतेरस पर सोने की खरीदारी में धमाका! जानें कितने लाख करोड़ का हुआ कारोबार
तस्वीर: धनतेरस पर सोने की खरीदारी (साभार: News18 और India Today) — देशभर में जमकर हुई सोने-चांदी की खरीदारी

शुक्रवार 6 नवंबर को देशभर में धनतेरस 2026 धूमधाम से मनाई गई, जिसके साथ पांच दिन के दिवाली उत्सव की शुरुआत हो गई। सुबह से ही सर्राफा बाज़ारों और ज्वैलरी की दुकानों में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, क्योंकि धनतेरस को सोना-चांदी और नए सामान की खरीदारी के लिए सबसे शुभ दिन माना जाता है। हालांकि इस साल सोने की कीमतें पिछले साल के मुकाबले काफी ऊंची हैं, फिर भी लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। वहीं छोटी दिवाली शनिवार 7 नवंबर को और मुख्य दिवाली रविवार 8 नवंबर को मनाई जाएगी, जिससे पूरा हफ्ता त्योहारों के रंग में रंगा रहेगा।

व्यापारियों के संगठन कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के मुताबिक धनतेरस पर देशभर में करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये का कारोबार हुआ, जिसमें सोने-चांदी की खरीदारी का हिस्सा अकेले करीब 66,000 करोड़ रुपये रहा। दरअसल अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण घरेलू परिषद का अनुमान है कि इस बार बिक्री की कुल कीमत पिछले साल के मुकाबले 20 से 30 फीसदी बढ़ी है, जबकि ऊंची कीमतों की वजह से खरीदारी की मात्रा लगभग पहले जैसी ही रही। इसके अलावा बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स और वाहनों की खरीदारी ने भी बाज़ारों की रौनक बढ़ा दी।

धनतेरस 2026 पर सोने-चांदी के भाव

धनतेरस के दिन दिल्ली के सर्राफा बाज़ार में 24 कैरेट सोना करीब 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बिका, जबकि हैदराबाद में इसका भाव 1,46,020 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। वहीं चांदी की कीमत हैदराबाद में करीब 2.10 लाख रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई। हालांकि सोना इस साल जनवरी के रिकॉर्ड 1.83 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से काफी नीचे है, फिर भी यह पिछले साल की धनतेरस के 1.32 लाख रुपये के भाव से काफी ऊंचा है। दरअसल इस हफ्ते की शुरुआत में सोने की कीमतें करीब 1.37 लाख रुपये तक गिर गई थीं, जो मार्च के बाद का सबसे निचला स्तर था, और इसी गिरावट ने खरीदारों को दुकानों तक खींच लिया।

ऊंची कीमतों के चलते इस बार खरीदारों का रुझान भी बदला हुआ दिखा, क्योंकि कई लोग भारी गहनों की जगह हल्के डिज़ाइन वाले आभूषण खरीद रहे हैं और पुराना सोना देकर नया सोना ले रहे हैं। वहीं वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल का अनुमान है कि 2026 में भारत की कुल सोने की मांग छह साल के निचले स्तर पर रह सकती है, क्योंकि जुलाई-सितंबर तिमाही में गहनों की मांग वज़न के हिसाब से 20 फीसदी घट गई थी। हालांकि कीमतों में आई नरमी और त्योहारी मांग से ज्वैलर्स को उम्मीद है कि दिवाली तक बिक्री और रफ्तार पकड़ेगी। कुल मिलाकर, धनतेरस ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि महंगा होने के बावजूद सोना भारतीयों के लिए शुभता और निवेश, दोनों का सबसे भरोसेमंद प्रतीक बना हुआ है।

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