25 की उम्र में हाई BP? युवाओं में बढ़ रहा स्ट्रोक का खतरा, ICMR की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा

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25 की उम्र में हाई BP? युवाओं में बढ़ रहा स्ट्रोक का खतरा, ICMR की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा
तस्वीर: ब्लड प्रेशर जांच (साभार: Healthline और Adapost) — ICMR रिपोर्ट में युवाओं में स्ट्रोक का खतरा बढ़ा

भारत में युवाओं में स्ट्रोक का खतरा तेजी से बढ़ रहा है, और अब इसे लेकर आईसीएमआर की एक बड़ी रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) की नेशनल स्ट्रोक रजिस्ट्री के मुताबिक देश में हर सात में से एक स्ट्रोक मरीज़ 45 साल से कम उम्र का है। दरअसल रजिस्ट्री ने 2020 से 2022 के बीच देश के 30 अस्पतालों में दर्ज 34,792 स्ट्रोक मामलों का विश्लेषण किया, जिसमें 13.8 फीसदी मरीज़ 45 साल से छोटे पाए गए। सबसे बड़ी वजह हाई ब्लड प्रेशर निकली, जो करीब 75 फीसदी मरीज़ों में मौजूद थी।

हाई ब्लड प्रेशर के बाद मधुमेह और तंबाकू का सेवन भी युवाओं में स्ट्रोक का बड़ा कारण बन रहा है। रजिस्ट्री के आंकड़ों में 27.3 फीसदी मरीज़ों में मधुमेह और 28.5 फीसदी में धूम्ररहित तंबाकू का इस्तेमाल पाया गया। सबसे चिंताजनक बात यह है कि केवल 20.1 फीसदी मरीज़ ही लक्षण शुरू होने के साढ़े चार घंटे के अंदर अस्पताल पहुंच पाए, जबकि यही वह सुनहरा समय होता है जब थक्का घोलने वाला इलाज दिया जा सकता है। करीब 14 फीसदी मरीज़ों की अस्पताल में ही मौत हो गई, जबकि दो-तिहाई मरीज़ किसी न किसी विकलांगता के साथ घर लौटे।

युवाओं में स्ट्रोक का खतरा क्यों बढ़ रहा है?

विशेषज्ञों के मुताबिक युवाओं में स्ट्रोक का बढ़ता खतरा उनकी जीवनशैली से सीधे जुड़ा है। लंबे समय तक बैठकर काम करना, नींद की कमी, तनाव, जंक फूड और व्यायाम की कमी ने कम उम्र में ही ब्लड प्रेशर और शुगर बढ़ा दी है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-6) के मुताबिक 15 साल से ऊपर के 22.1 फीसदी पुरुषों और 19.4 फीसदी महिलाओं का ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ है या वे दवा ले रहे हैं। 15 से 24 साल के पुरुषों में प्री-हाइपरटेंशन की दर NFHS-4 के 38.9 फीसदी से बढ़कर NFHS-5 में 44.5 फीसदी हो गई है, जो आने वाले खतरे की साफ चेतावनी है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक भारत में 30 से 79 साल के हाई ब्लड प्रेशर के मरीज़ों में से केवल 39 फीसदी की ही बीमारी का पता चल पाता है, जबकि 33 फीसदी का इलाज होता है और महज़ 15 फीसदी का ब्लड प्रेशर नियंत्रण में रहता है। हाई ब्लड प्रेशर को ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है, क्योंकि इसके लक्षण तब तक सामने नहीं आते जब तक नुकसान न हो जाए। विशेषज्ञों का कहना है कि साल में एक बार ब्लड प्रेशर जांच, रोज़ाना 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि, नमक और चीनी कम करना तथा तंबाकू से दूरी इस खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है। द वीक की रिपोर्ट के मुताबिक युवाओं को अपने ब्लड प्रेशर के आंकड़े जानना बेहद ज़रूरी है, क्योंकि सेहतमंद जीवनशैली ही स्ट्रोक से बचाव का सबसे आसान तरीका है।

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