पैसा होने से सेहत की गारंटी नहीं मिलती — यह बात अब एक बड़ी स्टडी ने साबित कर दी है। 65,364 भारतीयों पर हुई रिसर्च में पाया गया है कि लगातार अमीर रहे लोगों में दिल की बीमारी का खतरा गरीबों से ज्यादा है। यह स्टडी American Journal of Preventive Medicine में प्रकाशित हुई है। रिसर्च के नतीजे चौंकाने वाले हैं, क्योंकि अब तक माना जाता था कि अमीरी सेहत का कवच होती है।
यह रिसर्च AIIMS नई दिल्ली और Harvard T.H. Chan School of Public Health के वैज्ञानिकों ने की है। उन्होंने 45 साल से ज्यादा उम्र के भारतीयों के 2017-18 के Longitudinal Ageing Study in India (LASI) डेटा का विश्लेषण किया। शोधकर्ताओं ने बचपन और जवानी दोनों समय की आर्थिक स्थिति के आधार पर लोगों को चार समूहों में बांटा। इनमें लगातार अमीर, लगातार गरीब, गरीबी से अमीरी की ओर बढ़ने वाले और अमीरी से गरीबी की ओर गिरने वाले शामिल थे।
नतीजों के मुताबिक लगातार अमीर रहे लोगों में दिल की बीमारी का खतरा सबसे ज्यादा मिला। गरीबों की तुलना में अमीरों में हार्ट फेलियर की संभावना 1.8 गुना और हार्ट अटैक की संभावना 1.7 गुना ज्यादा पाई गई। इसके साथ अनियमित धड़कन का खतरा 1.43 गुना और अन्य हृदय रोगों का खतरा 1.37 गुना अधिक दर्ज किया गया। कुल मिलाकर अमीरों में हृदय रोग की संभावना 23 प्रतिशत ज्यादा पाई गई।
हालांकि, शोधकर्ताओं ने यह भी साफ किया है कि यह सिर्फ एक संबंध (association) है, कारण नहीं। अमीरों में बैठकर काम करने की आदत, पेट पर चर्बी, हाई-कैलोरी खाना, ज्यादा BMI, ब्लड प्रेशर और डायबिटीज इसके पीछे की बड़ी वजहें हैं। वहीं अमीरों के पास जांच और इलाज की बेहतर सुविधा होती है, इसलिए गरीबों में बीमारी कम दर्ज होना वास्तविक तस्वीर नहीं हो सकती। इसके बाद Telegraph India के संपादकीय ने भी आगाह किया है कि सिर्फ अमीरी को दोष देने से स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियां छिप जाएंगी।
दिल की बीमारी से बचने के लिए क्या कहती है स्टडी
रिसर्च का साफ संदेश है कि रोकथाम हर आय वर्ग के लिए जरूरी है। नियमित व्यायाम, संतुलित खानपान, नमक-चीनी पर नियंत्रण और सालाना BP-शुगर जांच दिल को स्वस्थ रखती है। Telegraph India की रिपोर्ट के मुताबिक 2019-21 के आंकड़ों में सिर्फ 8.5 प्रतिशत भारतीयों के पास ब्लड प्रेशर के इलाज के साधन थे। इसलिए अमीर हों या गरीब, दिल की सेहत को लेकर लापरवाही किसी के लिए भी खतरनाक साबित हो सकती है। हाल ही में केरल की एक स्टडी में किडनी की खराबी को लेकर भी बड़ा खुलासा हुआ था।






