8 साल में पहली बार! दिल्ली की हवा में आया ये बड़ा बदलाव, जानें बारिश ने कैसे किया कमाल

·

8 साल में पहली बार! दिल्ली की हवा में आया ये बड़ा बदलाव, जानें बारिश ने कैसे किया कमाल
दिल्ली में बारिश के बाद का नजारा। फोटो: इंडिया डॉट कॉम / गुजरात मिड-डे, प्रेस स्रोत

राजधानी दिल्ली के लिए अक्टूबर 2026 एक राहत भरी खबर लेकर आया है, क्योंकि दिल्ली AQI अक्टूबर के महीने में औसतन 166 पर रहा, जो पिछले आठ साल में इस महीने का सबसे कम आंकड़ा है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने शनिवार, 31 अक्टूबर को जारी आंकड़ों में बताया कि पिछले साल अक्टूबर में यह औसत 223 था, जबकि 2024 में 234 और 2018 में 269 तक पहुंच गया था। हालांकि, 166 का आंकड़ा ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है, इसलिए यह पूरी तरह साफ हवा का प्रमाण नहीं है, बल्कि पिछले सालों की तुलना में एक सापेक्ष सुधार है। वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि इस सुधार के पीछे सबसे बड़ी वजह मौसम रहा है, न कि सिर्फ प्रदूषण रोकने के उपाय।

मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर का औसत 2023 में 219, 2022 में 210 और 2021 में 173 रहा था, यानी 2018 के बाद सिर्फ 2021 ही ऐसा साल था, जब अक्टूबर का औसत 200 से नीचे रहा था। इसके बाद, जनवरी से अक्टूबर 2026 के बीच दिल्ली का औसत AQI 167 रहा, जो पिछले साल के 170 से थोड़ा बेहतर है। वहीं, इस दौरान दिल्ली में 220 दिन ऐसे रहे, जब दैनिक औसत AQI 200 से नीचे यानी ‘अच्छी से मध्यम’ श्रेणी में रहा, जबकि पिछले साल ऐसे दिनों की संख्या 200 थी। दरअसल, ‘खराब से गंभीर’ श्रेणी वाले दिनों की संख्या भी घटकर 84 रह गई है, जबकि पिछले साल यह 104 थी, जो सुधार की एक और निशानी है।

दिल्ली AQI अक्टूबर में सुधार की असली वजह क्या रही

विशेषज्ञों के अनुसार, इस सुधार में बारिश ने सबसे बड़ा रोल निभाया है, क्योंकि दिल्ली के सफदरजंग मौसम केंद्र पर अक्टूबर में 127.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जबकि इस महीने का सामान्य आंकड़ा महज 15.1 मिलीमीटर है। हालांकि, बारिश ने धूल और धुएं को धोकर हवा को साफ करने में मदद की, लेकिन सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट की अनुमिता रायचौधरी ने यह भी चेताया है कि यह सुधार ज्यादातर मौसमी है, इसलिए इसे स्थायी जीत मानना जल्दबाजी होगी। इसके बाद, एक और पेच यह भी है कि 2025 में दिवाली 20 अक्टूबर को पड़ी थी, जबकि 2026 में दिवाली रविवार, 8 नवंबर को पड़ रही है, जिससे साल-दर-साल तुलना पूरी तरह एक जैसी नहीं रह जाती। वहीं, रिपोर्टों के अनुसार दिवाली वाले दिनों को हटाकर भी अक्टूबर 2026 का औसत सबसे कम रहा, इसलिए सुधार की कहानी सिर्फ त्योहार के टलने पर टिकी नहीं है।

सावधानी की वजह यह भी है कि सर्दियों में दिल्ली की हवा फिर बिगड़ने का पुराना रिकॉर्ड है, क्योंकि पिछले तीन वर्षों में 1 नवंबर से 15 फरवरी के बीच दिल्ली का औसत AQI 312 से 342 के बीच रहा है, जो अक्टूबर के आंकड़े से लगभग दोगुना है। दरअसल, ठंड बढ़ने पर हवा की गति कम हो जाती है और पराली व वाहनों का धुआं जमीन के पास ही ठहर जाता है, जिससे प्रदूषण तेजी से बढ़ता है। इसके बाद, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने सर्दियों के प्रदूषण से निपटने के लिए कदम उठाए हैं, और रिपोर्टों के अनुसार गुरुवार, 5 नवंबर से दिल्ली-एनसीआर में कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम और निर्माण गतिविधियों पर रोक जैसे उपाय लागू किए जा रहे हैं। वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि इन उपायों के साथ-साथ आम लोगों को भी खराब हवा वाले दिनों में सावधानी बरतनी होगी।

कुल मिलाकर, अक्टूबर 2026 का आंकड़ा दिल्ली के लिए एक उम्मीद भरी शुरुआत है, लेकिन असली परीक्षा नवंबर और दिसंबर में होगी, जब हवा की गुणवत्ता हर साल सबसे ज्यादा बिगड़ती है। हालांकि, 220 साफ दिनों का आंकड़ा यह दिखाता है कि सही हालात और लगातार उपायों से सुधार मुमकिन है, लेकिन इसे बनाए रखना ही सबसे बड़ी चुनौती है। हाल ही में बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात ‘मुरासु’ ने भी देश के मौसम पर असर डाला था, जिससे यह साफ है कि हवा और मौसम का रिश्ता कितना गहरा है। अधिक जानकारी के लिए एनडीटीवी की रिपोर्ट पढ़ें।

thefocusworld