तीसरे मैच से भी बाहर हुए ऋषभ पंत! पहले टेस्ट पर लटकी तलवार, जानें क्या है बड़ी वजह

·

तीसरे मैच से भी बाहर हुए ऋषभ पंत! पहले टेस्ट पर लटकी तलवार, जानें क्या है बड़ी वजह
तस्वीरें: इंडिया टीवी / न्यूज़18 (प्रेस स्रोतों से साभार)

ऋषभ पंत की चोट ने भारतीय टीम प्रबंधन की चिंता एक बार फिर बढ़ा दी है, क्योंकि न्यूजीलैंड दौरे पर उनकी वापसी का इंतजार अब और लंबा खिंचता नजर आ रहा है। दरअसल, साइड स्ट्रेन की समस्या से जूझ रहे पंत को इंडिया ए के तीसरे और आखिरी अनऑफिशियल टेस्ट से भी बाहर रखे जाने की खबर सामने आई है। हालांकि उन्होंने नेट्स में स्किल ट्रेनिंग शुरू कर दी है और फिलहाल दर्द की शिकायत भी नहीं है, फिर भी मेडिकल टीम कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहती।

ईरानी कप के दौरान पंत को साइड स्ट्रेन की परेशानी हुई थी, जिसके बाद से वह प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर हैं। इसके बाद न्यूजीलैंड ए के खिलाफ शुरुआती दोनों अनऑफिशियल मैचों में भी वह नहीं खेल सके, और अब तीसरे मैच से बाहर होने की खबर ने उनकी टेस्ट वापसी पर सवाल और गहरे कर दिए हैं। हालांकि, बीसीसीआई सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि यह फैसला पूरी तरह एहतियाती है, ताकि चोट दोबारा न उभर आए।

ऋषभ पंत की चोट और पहले टेस्ट का समीकरण

भारत और न्यूजीलैंड के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला गुरुवार, 19 नवंबर से वेलिंगटन में खेला जाना है, और उसी तारीख के आसपास पंत की फिटनेस पर सबकी नजर टिकी है। दरअसल, तीसरा अनऑफिशियल टेस्ट शनिवार, 7 नवंबर से लिंकन में शुरू होना था, जिसे पंत के लिए टेस्ट सीरीज से पहले सबसे अहम तैयारी माना जा रहा था। वहीं, इस मैच से बाहर रहने के बाद अब उनके पास सीरीज से पहले मैच फिटनेस परखने का कोई बड़ा मंच नहीं बचा है।

पंत की मौजूदा स्थिति इसलिए भी अहम है, क्योंकि वह अब भारतीय टीम के लिए सिर्फ टेस्ट फॉर्मेट में खेल रहे हैं और सीमित ओवरों की टीम में उनकी जगह जा चुकी है। इसके अलावा, विकेटकीपिंग के साथ-साथ निचले क्रम में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी टीम को वह संतुलन देती है, जो विदेशी परिस्थितियों में और भी कीमती हो जाता है। वहीं, अगर वह पहले टेस्ट से बाहर रहते हैं, तो टीम को विकेटकीपर के विकल्प और बल्लेबाजी क्रम दोनों पर दोबारा सोचना पड़ेगा।

इस बीच, आखिरी मैच हारकर भी भारत ने टी20 सीरीज जीत ली थी, जिससे टीम का आत्मविश्वास तो ऊंचा है, लेकिन टेस्ट फॉर्मेट की चुनौती बिल्कुल अलग होती है। दरअसल, न्यूजीलैंड की हरी पिचों और स्विंग भरी परिस्थितियों में विकेटकीपर की भूमिका सिर्फ स्टंप के पीछे तक सीमित नहीं रहती, बल्कि बल्ले से भी लंबी पारियां मांगती है। हालांकि, प्रशंसकों की दुआ यही है कि उनकी वापसी पूरी तरह फिट होकर हो, भले ही इसमें थोड़ा और वक्त लग जाए। अधिक जानकारी के लिए इंडिया टीवी की रिपोर्ट पढ़ें।

thefocusworld