देश के कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में रविवार 1 नवंबर से एक खास हफ्ता शुरू हो गया है, जो आने वाले सात दिनों तक छात्रों की दिनचर्या को हरित दिशा में मोड़ने का काम करेगा। सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक यानी ब्रिक्स सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक 2026 का आयोजन 1 से 7 नवंबर तक होगा, और इसके लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने 30 अक्टूबर को सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को पत्र भेजा है। दरअसल यह पहल मिशन लाइफ यानी लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट के तहत हो रही है, और इस साल भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान इसका आयोजन किया जा रहा है। वहीं इसका मकसद छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के बीच पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार आदतों को बढ़ावा देना है।
इस हफ्ते के पहले दिन यानी रविवार 1 नवंबर का विषय स्वस्थ जीवनशैली अपनाना है, जिसके तहत योग सत्र, वॉकथॉन, साइक्लोथॉन, पौधारोपण और लाइफ प्रतिज्ञा जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं इसके बाद के दिनों में ऊर्जा संरक्षण, जल प्रबंधन, टिकाऊ खाद्य प्रणाली और कचरा कम करने जैसे विषयों पर ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा 4 नवंबर को टिकाऊ खाद्य प्रणाली के दिन मोटे अनाज और पारंपरिक आहार को बढ़ावा देने के साथ-साथ खाने की बर्बादी घटाने पर जोर दिया जाएगा।
सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक में कॉलेज क्या-क्या करेंगे
कॉलेजों से कहा गया है कि वे जागरूकता कार्यक्रम, कैंपस गतिविधियां और सामुदायिक पहल आयोजित करें, जिनमें पोस्टर प्रतियोगिता, ऊर्जा बचत अभियान, जल बचत पहल और कचरा संग्रह कार्यक्रम शामिल हो सकते हैं। वहीं पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय 27 अक्टूबर से 7 नवंबर तक रोजाना ऑनलाइन ओरिएंटेशन सत्र भी चला रहा है, ताकि संस्थान इन गतिविधियों को सही तरीके से आयोजित कर सकें। इसके अलावा हफ्ता खत्म होने के बाद हर संस्थान को अपनी गतिविधियों और अच्छी प्रथाओं की एक संक्षिप्त रिपोर्ट मेरी लाइफ पोर्टल पर जमा करनी होगी, जिसकी आखिरी तारीख 12 नवंबर तय की गई है।
यह पहल सिर्फ एक हफ्ते के कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असली मकसद रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाना है, जैसे बिजली-पानी बचाना, प्लास्टिक कम करना और हरी जीवनशैली अपनाना। वहीं छात्रों के लिए यह मौका है कि वे अपने कैंपस को ग्रीन कैंपस बनाने में सीधी भूमिका निभाएं, और अपने परिवार व मोहल्ले में भी यही आदतें फैलाएं। दिवाली 2026 की पूरी डेटशीट से जुड़ी हमारी यह खबर आप यहां पढ़ सकते हैं, और इस हफ्ते की पूरी जानकारी द टेलीग्राफ की इस खबर में भी दी गई है। हालांकि यह हफ्ता 7 नवंबर को खत्म हो जाएगा, लेकिन इसमें अपनाई गई आदतें अगर रोजमर्रा का हिस्सा बन जाएं तो यही इसकी सबसे बड़ी सफलता होगी।






