करवा चौथ अब सिर्फ उत्तर भारत का त्योहार नहीं रहा, बल्कि इसकी करवा चौथ शॉपिंग पूरे देश में फैलती जा रही है। कॉमर्स प्लेटफॉर्म GoKwik के ताजा आंकड़ों के मुताबिक त्योहार से पहले के छह दिनों में उसके नेटवर्क पर डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) बिक्री पिछले साल की तुलना में 64 प्रतिशत बढ़ गई। वहीं ऑर्डरों की संख्या भी 60 प्रतिशत बढ़कर 31.9 लाख तक पहुंच गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा करीब 20 लाख था। कंपनी ने बढ़ते मर्चेंट नेटवर्क का असर भी माना है।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि त्योहार के लिए खास तौर पर लेबल किए गए प्रोडक्ट्स की मांग मध्य भारत में 3.4 गुना, पश्चिमी भारत में 2.7 गुना और पूर्वी व पूर्वोत्तर भारत में 2.3 गुना बढ़ी है। दरअसल, उत्तर भारत अब भी सबसे बड़ा बाजार बना हुआ है और वहां मांग पिछले साल के मुकाबले 3.9 गुना रही, लेकिन नए इलाकों में भी यह त्योहार तेजी से अपनी जगह बना रहा है। इसके बाद उत्तर भारत की हिस्सेदारी त्योहार वाले ऑर्डरों में 46 प्रतिशत से बढ़कर 62 प्रतिशत हो गई है, जो बताता है कि परंपरागत इलाके में भी मांग और तेज हुई है।
करवा चौथ शॉपिंग में क्या-क्या बिका सबसे ज्यादा
खरीदारी के पैटर्न पर नजर डालें तो पूजा से जुड़े सामान, ज्वेलरी, ब्यूटी प्रोडक्ट्स और एथनिक वियर की मांग सबसे आगे रही। उत्तर भारत में पूजा एक्सेसरीज की मांग सामान्य दिनों के मुकाबले 3.2 गुना रही, जबकि मंगलसूत्र और ब्राइडल ज्वेलरी की मांग 2.35 गुना और ज्वेलरी सेट्स की मांग 2.27 गुना तक पहुंच गई। वहीं मांग टीका की मांग दोगुनी से ज्यादा हुई और फेस मेकअप व एथनिक वियर की मांग में भी क्रमशः 76 और 73 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि दक्षिण भारत में इस श्रेणी की मांग में सिर्फ करीब 3 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो क्षेत्रीय अंतर को साफ दिखाता है।
भुगतान के तरीके में भी एक अहम बदलाव देखने को मिला है, क्योंकि करवा चौथ वाले प्रोडक्ट्स के 60 प्रतिशत ऑर्डर प्रीपेड रहे, जबकि पूरे नेटवर्क पर यह आंकड़ा 54 प्रतिशत था। इसके बाद कूपन के इस्तेमाल में भी कमी आई है, जो 51.9 प्रतिशत से घटकर 47.4 प्रतिशत रह गया है और इससे संकेत मिलता है कि लोग इस बार ऑफर से ज्यादा त्योहार के लिए खरीदारी कर रहे थे। वहीं सिर्फ 37 मर्चेंट्स ने ही अपने प्रोडक्ट्स को खास तौर पर करवा चौथ के लिए प्रचारित किया, जिससे साफ है कि ब्रांड्स के पास इस मौके के लिए खास कलेक्शन बनाने की अभी काफी गुंजाइश बाकी है। करवा चौथ की सही तारीख और पूजा मुहूर्त के बारे में यहां पढ़ें। इस पूरी रिपोर्ट के मूल आंकड़े इकोनॉमिक टाइम्स की खबर पर आधारित हैं।






