बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी कानूनी जीत मिली है। अदालत ने गुरुवार 5 नवंबर 2026 को उनके पर्सनैलिटी राइट्स वाले मुकदमे में अंतिम डिक्री पारित कर दी, जिससे अब कोई भी व्यक्ति या कंपनी उनकी इजाजत के बिना उनके नाम, तस्वीर, आवाज़ या चेहरे का व्यावसायिक इस्तेमाल नहीं कर सकेगी। जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि अपनी पहचान के व्यावसायिक इस्तेमाल पर नियंत्रण का अधिकार ‘राइट टू पब्लिसिटी’ के दायरे में आता है। यह मामला 2022 से अदालत में चल रहा था और अब इसका अंतिम निपटारा हो गया है।
दरअसल यह मुकदमा नवंबर 2022 में तब दायर किया गया था, जब बिग बी की पहचान का गलत इस्तेमाल कई प्लेटफॉर्म पर हो रहा था। उनकी तस्वीर और आवाज़ का इस्तेमाल मोबाइल ऐप, वेबसाइट, पोस्टर, टी-शर्ट और क्विज़ किताबों में बिना इजाजत किया जा रहा था, जबकि कुछ लोग उनके नाम पर फर्जी प्रोमोशनल मैसेज भी भेज रहे थे। वहीं अदालत ने 25 नवंबर 2022 को इस पर अंतरिम रोक लगा दी थी, जो अब इस अंतिम डिक्री में समाहित हो गई है। इसके बाद अदालत ने मामले में आगे की सुनवाई के लिए तय 16 नवंबर की तारीख भी रद्द कर दी।
अमिताभ बच्चन के मामले में चार पक्षों से समझौता, जानें कौन-कौन
इस मुकदमे में चार प्रतिवादियों — रजत नागी, मनोज पब्लिकेशंस, टमाटीना और महेश पटेल — ने अमिताभ बच्चन से समझौता कर लिया और उनके पब्लिसिटी व प्राइवेसी अधिकारों को स्वीकार किया। हालांकि बाकी प्रतिवादी अदालत में पेश नहीं हुए, इसलिए अदालत ने सिविल प्रक्रिया संहिता के ऑर्डर 8 नियम 10 के तहत उनके खिलाफ भी डिक्री पारित कर दी। इसके अलावा यह फैसला उन अज्ञात लोगों पर भी लागू होगा, जिन्हें कानूनी भाषा में ‘जॉन डो’ कहा जाता है और जिनका पता पहले से नहीं लगाया जा सकता।
अदालत ने अमिताभ बच्चन को यह आज़ादी भी दी है कि अगर भविष्य में कोई नया व्यक्ति या संस्था उनकी पहचान का दुरुपयोग करती है तो वे उसके खिलाफ नई कार्यवाही शुरू कर सकते हैं। वहीं यह फैसला उन सभी मशहूर हस्तियों के लिए मिसाल बनेगा जिनकी पहचान का ऑनलाइन दुरुपयोग होता है। गौरतलब है कि हाल ही में केबीसी के सेट पर भी बिग बी के साथ एक हादसा हुआ था, जब वे फिसलकर गिर गए थे और घुटने में चोट के बाद बैठकर शो करना पड़ा था। कुल मिलाकर, चार साल चले इस कानूनी संघर्ष के बाद दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले ने साफ कर दिया है कि किसी की पहचान उसकी सबसे बड़ी संपत्ति है और उसका बिना इजाजत इस्तेमाल अब कानूनी तौर पर गलत होगा।






