परमिशन मिलते ही दिलजीत दोसांझ की मस्ती! बोले- ‘रील बन गई, ट्वीट हो गए? अब 30 अक्टूबर को मिलते हैं’

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परमिशन मिलते ही दिलजीत दोसांझ की मस्ती! बोले- ‘रील बन गई, ट्वीट हो गए? अब 30 अक्टूबर को मिलते हैं’
तस्वीरें साभार: जगबानी (पंजाब केसरी) और बैकसीट माफिया लाइव गैलरी

पंजाबी सुपरस्टार दिलजीत दोसांझ के फैंस के लिए बड़ी खुशखबरी है। दिलजीत दिल्ली कॉन्सर्ट को लेकर चल रहा सस्पेंस खत्म हो गया है, क्योंकि दिल्ली पुलिस ने 30 अक्टूबर के शो को परमिशन दे दी है। परमिशन की खबर आते ही दिलजीत ने अपने खास अंदाज़ में एक मज़ेदार वीडियो शेयर किया। अब फैंस बेफिक्र होकर जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम के इस धमाकेदार शो का इंतज़ार कर सकते हैं।

दरअसल गुरुवार 22 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने टिकटिंग प्लेटफॉर्म बुकमायशो के आवेदन को खारिज कर दिया था। पुलिस का कहना था कि खास खुफिया इनपुट, कानून-व्यवस्था की चुनौतियों और त्योहारी सीजन की ड्यूटी के चलते इतने बड़े आयोजन की अनुमति नहीं दी जा सकती। इस फैसले के बाद टिकट खरीद चुके हज़ारों फैंस की धड़कनें बढ़ गई थीं, हालांकि आयोजकों ने तुरंत पुलिस अधिकारियों से बातचीत शुरू कर दी।

परमिशन रोकने की एक बड़ी वजह 15 अक्टूबर को दिल्ली के छह स्कूलों को मिला फर्जी बम धमकी वाला ईमेल भी था। इस ईमेल में खालिस्तान समर्थक नारे थे और छात्रों को 30 अक्टूबर के कॉन्सर्ट में न जाने की चेतावनी दी गई थी। वहीं आयोजकों का दावा था कि वे सुरक्षा के हर मानदंड को पूरा करने के लिए तैयार हैं।

इस मामले ने जल्द ही राजनीतिक रंग ले लिया। आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने फैसले को पक्षपातपूर्ण बताते हुए कहा कि यह बहादुर पंजाबी कलाकारों के खिलाफ भेदभाव है। उन्होंने याद दिलाया कि दिलजीत किसान आंदोलन के समर्थन में भी खड़े हुए थे। इसके बाद दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने आरोपों को बेबुनियाद और राजनीतिक करार दिया।

दिलजीत दिल्ली कॉन्सर्ट पर खुद दिलजीत ने क्या कहा

जब शुक्रवार 23 अक्टूबर को परमिशन की खबर आई, तो दिलजीत ने अपने हंसी-मज़ाक वाले अंदाज़ में जवाब दिया। उन्होंने वीडियो में पंजाबी में कहा — ‘रील बन गई? ट्वीट हो गए? न्यूज़रूम की बहसें खत्म? अब मिलते हैं दिल्ली में 30 तारीख को।’ साथ ही उन्होंने तंज कसा कि लोग पहले सही खबर पढ़ लें, फिर किसी नतीजे पर पहुंचें। यह वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया।

गौरतलब है कि यह कॉन्सर्ट पहले 1 नवंबर को होना था, लेकिन पंजाब के राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी की अपील के बाद इसे 30 अक्टूबर कर दिया गया। दरअसल 1 नवंबर 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी है, जिसके सम्मान में तारीख बदली गई। दिलजीत दोसांझ से जुड़ी एक और बड़ी खबर यहां पढ़ें।

बुकमायशो लाइव ने साफ किया कि परमिशन को लेकर फैल रही रद्द होने की खबरें गलत हैं। कंपनी के मुताबिक परमिशन ‘अस्थायी रूप से रोकी’ गई थी, जिसे बैठकों और विस्तृत सुरक्षा योजना के बाद ‘फिर से जारी’ कर दिया गया। विस्तृत जानकारी हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में पढ़ी जा सकती है।

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