दिवाली का त्योहार जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे पटाखे प्रदूषण दिवाली पर सबसे बड़ी चिंता बनकर उभरा है। पटाखों की तेज आवाज और जहरीले धुएं से हवा में जहर घुल जाता है, जिसका सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर पड़ता है। इसी गंभीरता को देखते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार, 15 अक्टूबर को बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा है कि जहरीला प्रदूषण असहनीय हो गया है और यह स्थिति दिवाली के बाद और भी ज्यादा खराब हो जाती है।
हाईकोर्ट के न्यायाधीश गिरिश एस कुलकर्णी और न्यायाधीश नीला के गोखले की खंडपीठ ने साफ कहा कि सार्वजनिक सड़कों, गलियों और फुटपाथों पर पटाखे फोड़ने की अनुमति बिल्कुल नहीं होगी। अदालत ने अपने 22 सितंबर 2026 के आदेश को पूरे साल और महाराष्ट्र के सभी त्योहारों पर लागू करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही बीएमसी और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी करने और एक हफ्ते में स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाने का आदेश दिया गया है।
वहीं सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार, 12 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर लगी मौजूदा पाबंदी में कोई बदलाव करने से इनकार कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि दीयों की मूल संस्कृति की ओर लौटना ही सबसे अच्छा उपाय है। कोर्ट ने साफ किया कि वह धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहता, लेकिन लोगों को खुद आगे आकर जिम्मेदारी से त्योहार मनाना होगा। मामले में मदद कर रही वरिष्ठ अधिवक्ता अपराजिता सिंह ने कहा कि पटाखे धार्मिक पालन का अनिवार्य हिस्सा नहीं हैं और इनसे बच्चों, बुजुर्गों व बीमार लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचता है।
पटाखे प्रदूषण दिवाली पर बच्चों और बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा असर
पटाखों से निकलने वाला जहरीला धुआं हवा में पीएम 2.5 और सल्फर डाइऑक्साइड जैसे खतरनाक कण बढ़ा देता है। मुंबई में दिवाली शुरू होने से पहले ही कुछ इलाकों में एक्यूआई 425 तक पहुंच गया था, जो बेहद खतरनाक स्तर है। वहीं दिल्ली में 5 अक्टूबर को एक्यूआई 187 दर्ज हुआ, जो करीब तीन महीने का सबसे खराब स्तर था। सर्दियों में धुआं ऊपर नहीं उठता, इसलिए सांस के मरीजों के लिए खतरा और बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि इस दिवाली पटाखों की बजाय दीयों, मोमबत्तियों और पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों से त्योहार मनाया जाए। इसके बाद, अस्थमा या सांस की समस्या वाले लोग दिवाली की रातों में बाहर निकलने से बचें और मास्क का इस्तेमाल करें। वैसे, दिल्ली की हवा युवाओं के दिल को कैसे नुकसान पहुंचा रही है, इस बारे में हमने पहले भी विस्तार से बताया था। आदेश की पूरी जानकारी आप इंडियन एक्सप्रेस की इस रिपोर्ट में पढ़ सकते हैं।






