भारतीय क्रिकेट टीम के लिए न्यूज़ीलैंड दौरे से पहले एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसने एक युवा तेज़ गेंदबाज़ की किस्मत ही बदल दी है। औक़िब नबी न्यूजीलैंड वनडे सीरीज़ के शुरुआती तीन मुकाबलों के लिए भी भारतीय टीम का हिस्सा बन गए हैं, जबकि पहले उनका नाम सिर्फ आखिरी दो मैचों के लिए घोषित हुआ था। दरअसल, चयनकर्ताओं ने शनिवार 31 अक्टूबर को यह फैसला तेज़ गेंदबाज़ प्रसिद्ध कृष्णा के चोटिल होने के बाद लिया है, जिन्हें हैमस्ट्रिंग की चोट से उबरने के लिए और समय चाहिए। वहीं औक़िब के लिए यह खबर इसलिए भी खास है क्योंकि अब वह पूरी पांच मैचों की सीरीज़ के लिए उपलब्ध रहेंगे, जो बुधवार 4 नवंबर से ऑकलैंड में शुरू हो रही है।
औक़िब नबी न्यूजीलैंड: पहले क्यों थे सिर्फ दो मैचों के लिए
औक़िब नबी को शुरुआत में सीरीज़ के चौथे और पांचवें वनडे के लिए ही टीम में जगह मिली थी, लेकिन प्रसिद्ध कृष्णा के बाहर होने से समीकरण पूरी तरह बदल गया। हालांकि प्रसिद्ध की भागीदारी पहले से ही फिटनेस मंज़ूरी पर निर्भर थी, और 30 अक्टूबर को बीसीसीआई ने साफ कर दिया कि वह इस दौरे के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं। इसके बाद चयन समिति ने औक़िब को शुरुआती तीन मैचों के लिए भी शामिल कर लिया, जिससे वह अब पूरी सीरीज़ के लिए टीम के साथ रहेंगे। वहीं पहले तीन वनडे में शुभमन गिल टीम की कप्तानी करेंगे, जबकि आखिरी दो मुकाबलों में श्रेयस अय्यर कमान संभालेंगे।
जम्मू-कश्मीर के 29 वर्षीय तेज़ गेंदबाज़ औक़िब ने हाल के महीनों में अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है, खासकर न्यूज़ीलैंड ए के खिलाफ अनौपचारिक टेस्ट में। दरअसल, लिंकन में खेले गए पहले अनौपचारिक टेस्ट में उन्होंने दोनों पारियों में तीन-तीन विकेट लेकर कुल छह विकेट झटके थे, और न्यूज़ीलैंड की पिचों पर मिली मदद का उन्होंने भरपूर फायदा उठाया। हालांकि उनका वनडे डेब्यू आसान नहीं रहा था, क्योंकि वेस्टइंडीज़ के खिलाफ गुवाहाटी में 30 सितंबर को उन्होंने 8.5 ओवरों में 84 रन दिए थे। इसके बाद भी टीम प्रबंधन ने उन पर भरोसा बनाए रखा, क्योंकि घरेलू क्रिकेट में वह जम्मू-कश्मीर के ऐतिहासिक पहले रणजी ट्रॉफी खिताब के सबसे बड़े नायकों में रहे, जहां उन्होंने पूरे सीज़न में 60 विकेट लिए थे।
अब सवाल यह है कि क्या औक़िब को सीधे प्लेइंग इलेवन में मौका मिलेगा या उन्हें अपने मौके का इंतज़ार करना पड़ेगा, क्योंकि टीम में मोहम्मद सिराज, अर्शदीप सिंह और कुलदीप यादव जैसे अनुभवी गेंदबाज़ पहले से मौजूद हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज़ में भी भारतीय टीम ने युवा खिलाड़ियों पर भरोसा दिखाया है, इसलिए वनडे सीरीज़ में भी रोटेशन की गुंजाइश बनी हुई है। वहीं औक़िब के लिए न्यूज़ीलैंड की परिस्थितियां किसी वरदान से कम नहीं हैं, क्योंकि वहां की पिचें तेज़ गेंदबाज़ों को शुरुआती मदद देती हैं। कुल मिलाकर, प्रसिद्ध कृष्णा की चोट ने औक़िब के लिए जो दरवाज़ा खोला है, वह उनके करियर का सबसे बड़ा मौका साबित हो सकता है।






