देश आज शनिवार 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस मना रहा है और इस मौके पर पूरा ध्यान गुजरात के एकता नगर पर टिका हुआ है। राष्ट्रीय एकता दिवस हर साल सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर मनाया जाता है, और इस साल उनकी 151वीं जयंती मनाई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे और शाम को एकता परेड में शामिल होंगे, जिसके बाद वह अपना संबोधन भी देंगे। हालांकि यह दिन सिर्फ एक औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह उस लौह पुरुष की याद दिलाता है जिन्होंने आज़ादी के बाद 560 से ज्यादा रियासतों को एक भारत में पिरोया था।
राष्ट्रीय एकता दिवस: एकता नगर में पूरा कार्यक्रम
कार्यक्रम के मुताबिक प्रधानमंत्री सुबह करीब 9 बजे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे, जबकि मुख्य समारोह शाम 5:30 बजे से शुरू होगा। इस समारोह में एकता परेड, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और प्रधानमंत्री का संबोधन शामिल होगा, जिसका सीधा प्रसारण भी किया जाएगा। दरअसल, राष्ट्रीय एकता दिवस की शुरुआत 2014 में हुई थी और तब से हर साल 31 अक्टूबर को यह दिन देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के संकल्प के रूप में मनाया जाता है।
सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ था और वह स्वतंत्र भारत के पहले उप-प्रधानमंत्री व गृह मंत्री बने थे। आज़ादी के बाद रियासतों के एकीकरण में उनकी भूमिका इतनी निर्णायक रही कि उन्हें लौह पुरुष कहा जाने लगा, और यही वजह है कि उनकी जयंती को एकता के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। वहीं उनकी स्मृति में बना स्टैच्यू ऑफ यूनिटी 182 मीटर ऊंचा है और दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा मानी जाती है, जिसका उद्घाटन 31 अक्टूबर 2018 को हुआ था।
इस बार के समारोह की एक और बड़ी खासियत यह है कि एकता नगर को ₹400 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं की सौगात मिलने जा रही है। इनमें 220 मीटर लंबा ग्लास स्काईवॉक, यूनिटी और इको ट्रेल, नर्मदा पर एकता क्रूज़ और पुनर्विकसित शूलपाणेश्वर नर्मदा घाट शामिल हैं, जिनकी घोषणा गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 29 अक्टूबर को की थी। एकता नगर में आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए ओडिशा से भी करीब 1,000 प्रतिनिधियों को एक विशेष ट्रेन से भेजा गया है, जो इस दिन के राष्ट्रीय महत्व को दिखाता है। कुल मिलाकर, 151वीं जयंती पर एकता नगर सिर्फ अतीत की याद नहीं, बल्कि भविष्य की नई सुविधाओं का भी गवाह बनने जा रहा है।






