दिवाली की मिठाई में छिपा ये खतरा! FSSAI ने राज्यों को भेजा ‘सबसे जरूरी’ निर्देश

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दिवाली की मिठाई में छिपा ये खतरा! FSSAI ने राज्यों को भेजा ‘सबसे जरूरी’ निर्देश
दिवाली पर मिठाई की दुकान (सौजन्य: Sanam Sweets) और खाद्य सुरक्षा जांच करते अधिकारी (सौजन्य: India.com)। कोलाज: TheFocusWorld

दिवाली मिठाई सुरक्षा को लेकर इस बार देश के खाद्य नियामक ने सीधे कमर कस ली है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने नवरात्रि और दिवाली के त्योहारी मौसम में मिलावटी और नकली खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। 6 अक्टूबर को साझा किए गए इस पत्र में FSSAI ने इस विषय को ‘सबसे जरूरी’ करार दिया है।

दरअसल, त्योहारों के दिनों में मिठाई, नमकीन, पेय पदार्थ, खाद्य तेल और दूध से बने उत्पादों जैसे घी, खोया और पनीर की मांग कई गुना बढ़ जाती है। इसी मौके का फायदा उठाकर कुछ कारोबारी मिलावटी और नकली सामान सस्ते दामों पर बाजार में उतार देते हैं, जिससे आम ग्राहक की सेहत दांव पर लग जाती है। FSSAI का मानना है कि बढ़ती मांग के बीच कड़ी निगरानी और सख्त प्रवर्तन कार्रवाई ही एकमात्र उपाय है।

दिवाली मिठाई सुरक्षा: FSSAI के निर्देश में क्या-क्या है

निर्देशों के मुताबिक, नामित खाद्य सुरक्षा अधिकारी अपने-अपने इलाकों में भीड़भाड़ वाले बाजारों, हॉटस्पॉट और संवेदनशील स्थानों पर निरीक्षण और सैंपलिंग करेंगे। ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ मोबाइल यूनिट प्रमुख बाजारों में मौके पर जांच करेंगी, ताकि ग्राहकों का भरोसा बढ़े। सभी निरीक्षणों और सैंपलों का डेटा FoSCoS और FoSCoRIS पोर्टल पर रियल टाइम में दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। हालांकि खाद्य पदार्थों की सूची हर क्षेत्र के खाने की आदतों के हिसाब से बदल सकती है, जैसे उत्तर और पश्चिम भारत में कुट्टू आटे और सिंघाड़ा आटे पर खास नजर रखने को कहा गया है।

ग्राहक खुद भी बरतें ये सावधानियां

हालांकि सिर्फ सरकारी अभियान से बात नहीं बनेगी, ग्राहकों की अपनी सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है। हमेशा लाइसेंस वाली और अच्छी भीड़-भाड़ वाली दुकानों से ही मिठाई खरीदें, और गिफ्ट बॉक्स पर बेस्ट-बिफोर तारीख व सील की जांच करना न भूलें। दूध से बनी मिठाइयां एक-दो दिन के भीतर खा लें या फ्रिज में रखें, कच्चे और पके खाद्य पदार्थों को अलग रखें, और बचा हुआ खाना दोबारा अच्छी तरह गरम करके ही परोसें। मिठाई घर लाने पर भी उसकी ताजगी जांचें — बासी गंध, बदला रंग या ज्यादा चिकनाहट दिखे तो उसे खाने से परहेज करें।

असल में, त्योहारी खरीदारी के जोश में पोषण और खाद्य गुणवत्ता की बुनियादी समझ भी काम आती है, ताकि मिठास के साथ सेहत भी बनी रहे। इस दिवाली मिठास बांटने के साथ-साथ अपनी और परिवार की सेहत की जिम्मेदारी भी निभाएं — जागरूक ग्राहक ही मिलावटखोरी पर सबसे बड़ा अंकुश है। (स्रोत: Deccan Herald)

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