जहीर खान को ग्रेग चैपल ने क्यों दी थी धमकी, ‘जब तक कोच हूं, खेल नहीं पाओगे’, दिग्गज गेंदबाज ने स्वीकारा चैलेंज, फिर किया कमाल

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जहीर खान को ग्रेग चैपल ने क्यों दी थी धमकी, ‘जब तक कोच हूं, खेल नहीं पाओगे’, दिग्गज गेंदबाज ने स्वीकारा चैलेंज, फिर किया कमाल

Zaheer Khan : 14 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में दुनिया भर में छा जाने बाला खिलाड़ी, ‘नकल बॉल’ का अविष्कारक, एक ऐसी गेंद जिससे उन्होंने 2011 वर्ल्ड कप में तहलका मचा दिया था, साथ ही हम एक ऐसे ही खिलाड़ी के बारे में बात करने जा रहे हैं जिसने अपनी गेंदबाजी से इंग्लैंड को घर में घुसकर मात दी थी।

हम बात कर रहे हैं गेंदबाजी के सचिन कहे जाने वाले जहीर खान की, उनकी आग उगलती गेंदो का सामना करना किसी भी बैटर के लिए मुश्किल था, इस गेंदबाज के करियर में एक बाएं हाथ के बल्लेबाज का बड़ा हाथ है, वो कोई और नहीं बल्कि उनके पिता थे।

दिग्गज गेंदबाज ने स्वीकारा चैलेंज, फिर किया कमाल

जहीर खान ने घरेलू क्रिकेट में जमकर कहर बरपाया, उसके बाद साल 2000 में टीम इंडिया में अपनी जगह बनाई, उन्होंने अपने डेब्यू मैच में ही 3 विकेट अपने नाम किए, उसी साल टेस्ट डेब्यू में भी उन्होंने 3 विकेट झटके, लेकिन फिर 4 साल बाद आया खराब दौर।

साल 2000 में उनके प्रदर्शन में गिरावट आई, इसमें इंजरी का भी एक बड़ा रोल था, श्रीसंत और आरपी सिंह के डेब्यू के बाद टीम इंडिया में वापसी करना जहीर के लिए पहाड़ चढ़ने जैसा था, एक साल बाद ग्रैड चैपल इंडियन टीम के कोच थे और उन्होंने जहीर खान को चेतावनी दे दी थी।

उन्होंने इस शानदार गेंदबाज से साफ कहा कि जब तक मैं टीम इंडिया का कोच हूं तुम्हारी वापसी नहीं होगी, उसके बाद उन्होंने काउंटी क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया और पहले ही मैच में 10 विकेट झटके।

काउंटी क्रिकेट का फायदा जहीर को इंग्लैंड दौरे पर मिला, उन्होंने पहले ही टेस्ट से शानदार गेंदबाजी करना शुरू कर दी, भारत ने उस समय 21 साल में इंग्लैंड को उनके घर में मात दी थी, टीम इंडिया की इस जीत में जहीर खान की अहम भूमिका रही।

तीन टेस्ट की सीरीज में जहीर खान (Zaheer Khan) ने 20.33 के औसत से 18 विकेट अपने नाम किए और प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे, उसके बाद 2011 के वर्ल्ड कप में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और 9 मैच में 21 विकेट झटके थे, जिसके बाद एमएस धोनी ने उन्हें गेंदबाजी का सचिन कह दिया था।

 

 

Suhail