भारतीय क्रिकेट के दो महान बल्लेबाज़ों के बेटे आज एक ही टीम से मैदान पर उतरे हैं। शुक्रवार 6 नवंबर को मस्कट में शुरू हुए ACC अंडर-19 एशिया कप में भारत का पहला मुकाबला नेपाल से है, जिसमें आर्यवीर सहवाग और अन्वय द्रविड़ दोनों ही प्लेइंग इलेवन में शामिल हैं। कप्तान लक्ष्य रायचंदानी ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी का फैसला किया। इस मैच पर सबकी नज़रें इन दो युवा सितारों पर टिकी हैं, जिनके पिता वीरेंद्र सहवाग और राहुल द्रविड़ भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े नामों में गिने जाते हैं।
आर्यवीर सहवाग ने घरेलू क्रिकेट में पहले ही अपनी पहचान बना ली है। उन्होंने विनू मांकड़ ट्रॉफी में चंडीगढ़ के खिलाफ 143 गेंदों पर 173 रनों की धमाकेदार पारी खेली थी, जिसके बाद से ही उन्हें भविष्य का बड़ा बल्लेबाज़ माना जा रहा है। नेपाल के खिलाफ मैच में वह कप्तान लक्ष्य रायचंदानी के साथ पारी की शुरुआत करने उतरे। हालांकि उन पर पिता के नाम का दबाव भी है, लेकिन उनकी बल्लेबाज़ी में वही बेखौफ अंदाज़ दिखता है, जो कभी सहवाग की पहचान हुआ करता था। वहीं युवा टीम के मुख्य कोच येरे गौड़ ने कहा है कि टीम का ध्यान खिलाड़ियों को बेवजह के दबाव से बचाने पर है, ताकि वे अपना स्वाभाविक खेल दिखा सकें।
अन्वय द्रविड़ ने भी दिखाया दम
वहीं विकेटकीपर-बल्लेबाज़ अन्वय द्रविड़ भी किसी से पीछे नहीं हैं। उन्होंने कर्नाटक की तरफ से खेलते हुए गुजरात के खिलाफ सिर्फ 100 गेंदों पर 151 रन बनाए थे, और उनकी टीम ने 300 से ज्यादा का लक्ष्य हासिल किया था। इसके अलावा श्रीलंका के खिलाफ युवा वनडे सीरीज़ में भी अन्वय भारत के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ रहे थे। दरअसल अन्वय की बल्लेबाज़ी में पिता राहुल द्रविड़ वाली तकनीक और धैर्य की झलक साफ दिखती है, जो उन्हें लंबे फॉर्मेट के लिए भी खास बनाती है।
यह टूर्नामेंट 5 से 14 नवंबर तक मस्कट में खेला जा रहा है, और भारत का अगला मुकाबला रविवार 8 नवंबर को पाकिस्तान से होगा। इस बीच सीनियर टीम भी न्यूजीलैंड दौरे पर है, जहां शनिवार 7 नवंबर को वेलिंग्टन में दूसरा वनडे खेला जाएगा। कुल मिलाकर, सहवाग और द्रविड़ की अगली पीढ़ी का यह आगाज़ भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए एक उम्मीद भरी तस्वीर पेश करता है। अब देखना यह है कि ये दोनों युवा सितारे इस बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा को कितनी ऊंचाई तक ले जाते हैं।






