टॉप सीड को हराकर भारत के इस खिलाड़ी ने रचा इतिहास! चेक ओपन में 12वां खिताब, जानें फाइनल का रोमांच

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टॉप सीड को हराकर भारत के इस खिलाड़ी ने रचा इतिहास! चेक ओपन में 12वां खिताब, जानें फाइनल का रोमांच
फोटो: तेलंगाना टुडे / एएनआई (प्रेस सोर्स) | स्क्वैश खिलाड़ी वेलवन सेंथिलकुमार

भारतीय स्क्वैश के उभरते सितारे वेलवन सेंथिलकुमार ने चेक ओपन स्क्वैश टूर्नामेंट जीतकर देश का नाम रोशन कर दिया है, क्योंकि उन्होंने ब्रनो में खेले गए फाइनल में टॉप सीड ग्रेग लॉबन को 3-1 से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। सोमवार 2 नवंबर को खेले गए इस फाइनल में दुनिया के 42वें नंबर के खिलाड़ी वेलवन ने स्कॉटलैंड के 31वें नंबर के खिलाड़ी लॉबन को 13-11, 11-5, 8-11, 11-7 से मात दी। वहीं यह मुकाबला 73 मिनट तक चला, और पहले गेम में वेलवन ने चार गेम पॉइंट बचाकर अपनी हिम्मत का परिचय दिया। दरअसल यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं है, बल्कि भारतीय स्क्वैश के बढ़ते कद की भी गवाही है।

फाइनल की शुरुआत बेहद रोमांचक रही, क्योंकि पहला गेम कांटे की टक्कर के बाद 13-11 से वेलवन के पक्ष में गया, जिससे उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ गया। वहीं दूसरे गेम में उन्होंने पूरी तरह दबदबा बनाते हुए 11-5 से जीत दर्ज की, और ऐसा लगा कि मुकाबला एकतरफा हो जाएगा। हालांकि तीसरे गेम में लॉबन ने वापसी करते हुए 11-8 से जीत हासिल की, जिससे फाइनल में फिर से जान आ गई। वहीं चौथे गेम में वेलवन ने संयम नहीं खोया और 11-7 से गेम जीतकर खिताब पक्का कर लिया, जिसके बाद भारतीय खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई।

चेक ओपन स्क्वैश में वेलवन का 12वां पीएसए खिताब

इस जीत के साथ वेलवन सेंथिलकुमार के करियर पीएसए खिताबों की संख्या 12 हो गई है, और यह 2026-27 सीज़न का उनका दूसरा कॉपर-स्तरीय खिताब है। वहीं इससे पहले उन्होंने अगस्त में बुडापेस्ट ओपन जीतकर अपना पहला कॉपर-स्तरीय खिताब हासिल किया था, जहां फाइनल में उन्होंने हंगरी के बालाज़ फरकास को हराया था। दरअसल कॉपर स्तर के टूर्नामेंट मध्य क्रम के खिलाड़ियों को टॉप-50 विरोधियों के खिलाफ रैंकिंग अंक और अनुभव दिलाते हैं, इसलिए यह जीत वेलवन की रैंकिंग के लिए भी अहम मानी जा रही है। वहीं 35,000 डॉलर की इनामी राशि वाले इस टूर्नामेंट में चौथी वरीयता प्राप्त वेलवन ने पूरे अभियान में शानदार प्रदर्शन किया।

वेलवन के लिए यह साल वैसे भी यादगार रहा है, क्योंकि करीब एक महीने पहले उन्होंने आइची-नागोया में हुए एशियाई खेलों 2026 में दो कांस्य पदक भी जीते थे। वहीं चेक ओपन की यह सफलता बताती है कि वह लगातार बड़े मंच पर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, और भारतीय स्क्वैश को उनसे और भी उम्मीदें हैं। हालांकि अब सबकी नज़र इस बात पर होगी कि वह इस फॉर्म को अगले टूर्नामेंटों में भी बरकरार रख पाते हैं या नहीं। क्रिकेट से जुड़ी एक और बड़ी खबर आप यहां पढ़ सकते हैं, और चेक ओपन फाइनल की पूरी जानकारी पीएसए स्क्वैश टूर की इस खबर में भी दी गई है।

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