14 गेंदों में वर्ल्ड रिकॉर्ड! प्रेमा रावत ने रचा इतिहास, जानें किसका रिकॉर्ड टूटा

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14 गेंदों में वर्ल्ड रिकॉर्ड! प्रेमा रावत ने रचा इतिहास, जानें किसका रिकॉर्ड टूटा
फोटो: ESPNcricinfo / क्रिकट्रैकर | प्रेमा रावत ने उत्तराखंड के लिए हैदराबाद के खिलाफ 14 गेंदों में अर्धशतक लगाया

सोमवार, 2 नवंबर को पुणे के एमसीए स्टेडियम में एक ऐसी पारी खेली गई, जिसने महिला टी20 क्रिकेट का इतिहास ही बदल दिया। उत्तराखंड की ऑलराउंडर प्रेमा रावत ने हैदराबाद के खिलाफ सीनियर महिला टी20 ट्रॉफी के मैच में सिर्फ 14 गेंदों पर अर्धशतक जड़ दिया, और इसी के साथ प्रेमा रावत रिकॉर्ड अब दुनिया के सबसे तेज़ महिला टी20 अर्धशतक के रूप में दर्ज हो गया है। हालांकि इस पारी की खासियत सिर्फ रफ्तार नहीं थी, बल्कि वह अंदाज़ था जिसमें उन्होंने शुरू से ही गेंदबाज़ों पर दबाव बना दिया।

प्रेमा रावत रिकॉर्ड: 14 गेंदों की तूफानी पारी की पूरी कहानी

इस मैच में उत्तराखंड ने 20 ओवर में 2 विकेट पर 187 रन बनाए, जिसमें प्रेमा की नाबाद 50 रन की पारी ही सबसे बड़ी चर्चा रही। उनकी पारी के दम पर टीम को ऐसा बड़ा स्कोर मिला, जिसका पीछा हैदराबाद की टीम कभी कर ही नहीं पाई और वह 8 विकेट पर सिर्फ 98 रन तक ही पहुंच सकी। इसके बाद उत्तराखंड ने यह मुकाबला 89 रनों से जीत लिया, जिसमें प्रेमा का योगदान गेंद से भी रहा। दरअसल उन्होंने चार ओवर में सिर्फ 12 रन देकर 2 विकेट भी झटके, जिससे उनकी ऑलराउंड परफॉर्मेंस मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पूरे मैच पर छा गई।

प्रेमा रावत की पहचान अब तक मुख्य रूप से एक गेंदबाज़ के तौर पर रही है, और वह भारत के लिए सात टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच भी खेल चुकी हैं। वहीं वह सितंबर में महिला एशिया कप जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा रही हैं, और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से भी जुड़ी हैं। ऐसे में बल्ले से बनाया गया यह वर्ल्ड रिकॉर्ड उनकी खेल की नई पहचान बनाता है, क्योंकि इससे पहले उनसे तेज़ अर्धशतक का रिकॉर्ड पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना के नाम था, जिन्होंने ज़िम्बाब्वे के खिलाफ 15 गेंदों पर फिफ्टी लगाई थी। हालांकि प्रेमा का रिकॉर्ड घरेलू महिला टी20 का है, जबकि टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे तेज़ फिफ्टी का रिकॉर्ड अब भी फातिमा सना के नाम है।

इस रिकॉर्ड के बाद चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन की नज़रें प्रेमा पर पहले से ज़्यादा गहराई से टिकेंगी। घरेलू टूर्नामेंट में इस तरह की पारी अक्सर बड़े मंच का दरवाज़ा खोलती है, और महिला प्रीमियर लीग से लेकर भारतीय टीम तक के लिए यह प्रदर्शन एक मज़बूत दावा पेश करता है। क्रिकेट में हाल ही में एक और बड़ा कीर्तिमान भी सुर्खियों में रहा था, जिसने दिखाया कि एक पारी कैसे पहचान बदल देती है। अब सबकी नज़र इस बात पर होगी कि प्रेमा इस फॉर्म को आगे कितना ले जाती हैं, क्योंकि मिली पहचान को बनाए रखना ही असली परीक्षा है।

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