मोहम्मद शमी रणजी ट्रॉफी में एक बार फिर अपनी पुरानी धार के साथ लौटे हैं, और इस बार उनकी गेंदबाजी ने बंगाल को गुजरात के खिलाफ ईडन गार्डन्स में बड़ी जीत दिला दी है। दरअसल, मैच के आखिरी दिन शमी ने दूसरी पारी में सिर्फ 38 रन देकर 5 विकेट चटकाए, जिससे 327 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही गुजरात की टीम 185 रन पर ही सिमट गई। वहीं इस जीत से बंगाल ने लगातार दूसरी जीत दर्ज की, और शमी ने मैच में कुल 8 विकेट लेकर सेलेक्टर्स को मजबूत संदेश दिया। हालांकि, मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार किसी और को मिला, जिसकी कहानी भी उतनी ही दिलचस्प है।
पहली पारी में बंगाल ने 279 रन बनाए थे, जिसके जवाब में गुजरात की टीम सिर्फ 167 रन पर ढेर हो गई थी, और इसमें बाएं हाथ के स्पिनर शाहबाज अहमद ने 6 विकेट लेकर अहम भूमिका निभाई थी। दरअसल, शाहबाज की गेंदबाजी ने बंगाल को पहली पारी में 112 रन की बढ़त दिलाई, जो मैच का रुख तय करने वाली साबित हुई। वहीं दूसरी पारी में बंगाल ने 214 रन पर 8 विकेट के स्कोर पर पारी घोषित की, जिसमें सुदीप कुमार घरामी ने 54 रन की उपयोगी पारी खेली। इसके बाद गुजरात के सामने 327 रन का मुश्किल लक्ष्य था, लेकिन शमी की रफ्तार और स्विंग के सामने मेहमान टीम की बल्लेबाजी बिखर गई।
मोहम्मद शमी रणजी: दूसरी पारी में 5 विकेट का कहर
दूसरी पारी में शमी के 5 विकेट के अलावा गुजरात की ओर से सिर्फ उर्विल पटेल ही टिककर खेल सके, जिन्होंने 124 गेंदों में नाबाद 109 रन बनाए और अकेले दम पर टीम को बचाने की कोशिश की। दरअसल, उर्विल के अलावा जयमीत पटेल ने 45 रन और आर्य देसाई ने 13 रन बनाए, जबकि बाकी कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सका। वहीं शमी ने धीमी पिच पर भी गेंद को दोनों तरफ घुमाकर लगातार दबाव बनाए रखा। शाहबाज ने मैच में कुल 9 विकेट लिए, इसलिए प्लेयर ऑफ द मैच वही बने, लेकिन शमी का आखिरी दिन का स्पेल ही जीत की कहानी बन गया।
टीम इंडिया से बाहर चल रहे शमी के लिए यह प्रदर्शन इसलिए अहम है, क्योंकि वह फिटनेस और फॉर्म के सवालों का जवाब मैदान पर दे रहे हैं। दरअसल, घरेलू क्रिकेट में लगातार विकेट लेकर वह साबित कर रहे हैं कि उनमें अभी काफी क्रिकेट बाकी है। वहीं बंगाल की इस 141 रन की जीत ने टीम को ग्रुप में मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है, और अगले मैचों में भी शमी से ऐसे ही प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। शमी के टीम इंडिया से बाहर होने पर उनकी प्रतिक्रिया यहां पढ़ें। अधिक जानकारी के लिए पीटीआई की रिपोर्ट देखें।






