8 गेंदों में ही बिखर गए वैभव! अश्विन ने बता दी वो बड़ी चूक, जानिए किसे ठहराया जिम्मेदार

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8 गेंदों में ही बिखर गए वैभव! अश्विन ने बता दी वो बड़ी चूक, जानिए किसे ठहराया जिम्मेदार
रविचंद्रन अश्विन और वैभव सूर्यवंशी की तस्वीरें। फोटो साभार: ANI / Cricket Australia

क्राइस्टचर्च में खेले गए दूसरे टी20 मैच में युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी को भले ही बड़ी पारी खेलने का मौका न मिला हो, लेकिन उनके छोटे से प्रदर्शन पर अब बड़ी चर्चा छिड़ गई है। शनिवार 24 अक्टूबर को भारत ने न्यूज़ीलैंड को हराकर सीरीज़ में 2-0 की बढ़त बना ली थी। उन्होंने सिर्फ आठ गेंदों का सामना किया और चार रन बनाकर आउट हो गए, जिसके बाद पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपनी राय खुलकर रखी है। अश्विन का मानना है कि इस छोटी पारी से वैभव को एक अहम सबक मिलेगा।

वैभव सूर्यवंशी को लेकर अश्विन ने क्या कहा

अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर इस पारी का विश्लेषण करते हुए कहा कि वैभव उस दौरान सहज नहीं दिख रहे थे और गेंद को सही समय पर नहीं खेल पा रहे थे। हालांकि उन्होंने वैभव को एक पीढ़ी में एक बार आने वाली प्रतिभा बताया और कहा कि नई परिस्थितियों में ढलना किसी भी युवा बल्लेबाज़ के लिए आसान नहीं होता। दरअसल, वैभव को इस मैच में तीसरे नंबर पर भेजा गया था, जो उनकी स्वाभाविक ओपनिंग भूमिका से अलग थी।

अभिषेक शर्मा से क्यों की गई अपील

अश्विन के मुताबिक, दूसरे छोर पर मौजूद वरिष्ठ साथी अभिषेक शर्मा इस दौरान वैभव की ज्यादा मदद कर सकते थे। उन्होंने कहा कि जब युवा साथी दबाव में हो तो वरिष्ठ बल्लेबाज़ को उसके पास जाकर उसे शांत करना चाहिए और स्ट्राइक रोटेट करने की सलाह देनी चाहिए। इसके बाद उन्होंने यह भी बताया कि अभिषेक उसी तरह का शॉट बार-बार खेलते रहे, जिससे दूसरी तरफ दबाव बढ़ता गया। इस पूरी चर्चा में उनका मकसद किसी को दोष देना नहीं, बल्कि टीम के भीतर साथी खिलाड़ियों की भूमिका को समझाना था।

टीम प्रबंधन को अश्विन की सलाह

अश्विन ने टीम प्रबंधन को भी सलाह दी कि वैभव को अंतिम एकादश में जल्दबाज़ी में धकेलने की जरूरत नहीं है। उनका कहना है कि जब संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और टीम को विश्व कप भी जिता चुके हैं, तो वैभव को धैर्य के साथ तैयार होने का समय मिलना चाहिए। इसके बाद भारत के अगले मैचों की ओर सबकी नज़रें होंगी, क्योंकि चौथे टी20 से पहले टीम इंडिया के सामने कई सवाल खड़े हैं। कुल मिलाकर अश्विन का संदेश साफ है कि वैभव पर दबाव कम रखा जाए, उन्हें सही मौके दिए जाएं और उनकी प्रतिभा को धीरे-धीरे निखरने दिया जाए। अधिक जानकारी के लिए एनडीटीवी स्पोर्ट्स की रिपोर्ट भी पढ़ी जा सकती है।

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