मंधाना वनडे कप्तानी में पहली बार पूर्णकालिक जिम्मेदारी संभाल रही हैं और उनकी अग्निपरीक्षा शुक्रवार 23 अक्टूबर से शुरू हो गई है। जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज से ठीक पहले टीम को एक बड़ा झटका लगा है, क्योंकि स्टार तेज गेंदबाज़ रेनुका सिंह ठाकुर पूरी सीरीज से बाहर हो गई हैं। बीसीसीआई ने गुरुवार को इस फैसले की आधिकारिक पुष्टि की है।
मंधाना वनडे कप्तानी: रेनुका क्यों हुईं बाहर?
दरअसल, बीसीसीआई के बयान के मुताबिक रेनुका अभी भी 50 ओवर के फॉर्मेट के लिए जरूरी गेंदबाज़ी का बोझ झेलने की तैयारी में हैं। वे इस समय बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपनी फिटनेस पर काम कर रही हैं और यह फैसला पूरी तरह एहतियाती है। नई गेंद से रेनुका टीम की सबसे भरोसेमंद गेंदबाज़ रही हैं, इसलिए उनकी गैरमौजूदगी टीम प्रबंधन के लिए बड़ी चुनौती है। हालांकि, बोर्ड लंबे फॉर्मेट की मांगों को देखते हुए अभी उन पर जोर डालना नहीं चाहता।
रेनुका की जगह युवा तेज गेंदबाज़ जिंतिमणी कालिता को स्क्वॉड में शामिल किया गया है। 22 वर्षीय कालिता असम के मंगालदई की रहने वाली हैं और दाएं हाथ से मध्यम गति की गेंदबाज़ी के साथ बाएं हाथ से बल्लेबाज़ी भी करती हैं। वे रायपुर में जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में भी टीम के साथ थीं। असम से महिला प्रीमियर लीग में बोली पाने वाली वे पहली खिलाड़ी हैं। हालांकि, प्लेइंग इलेवन में जगह के लिए उन्हें नंदनी शर्मा, क्रांति गौड़ और सायली सातघरे से कड़ी टक्कर मिलेगी।
जिम्बाब्वे सीरीज का शेड्यूल और उसकी अहमियत
इसके बाद तीन वनडे मैचों की सीरीज वडोदरा के बीसीए स्टेडियम, कोटाम्बी में खेली जाएगी। पहला मैच शुक्रवार 23 अक्टूबर, दूसरा रविवार 25 अक्टूबर और तीसरा मैच बुधवार 28 अक्टूबर को होगा, सभी मैच दोपहर 2 बजे से शुरू होंगे। यह सीरीज आईसीसी महिला चैंपियनशिप 2025-29 का हिस्सा है, इसलिए हर जीत अंक तालिका में अहम रहेगी। टीम इंडिया ने जिम्बाब्वे के खिलाफ हाल ही में टी20 सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया था, जिसमें हरमनप्रीत कौर के नाबाद 91 रन चर्चा में रहे थे। उस क्लीन स्वीप की पूरी कहानी द फोकस वर्ल्ड की इस रिपोर्ट में पढ़ें।
वहीं, इस सीरीज का एक और बड़ा आकर्षण स्मृति मंधाना की कप्तानी है, जो वनडे फॉर्मेट में पहली बार पूर्णकालिक कप्तान के तौर पर उतर रही हैं। उनकी उपकप्तान दीप्ति शर्मा होंगी, जबकि हरमनप्रीत कौर ने हाल ही में कप्तानी छोड़ दी है और अब बतौर खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं। मंधाना महिला वनडे इतिहास में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाली बल्लेबाज़ हैं और उनसे बल्ले व कप्तानी दोनों मोर्चों पर उम्मीदें हैं। इस बदलाव की विस्तृत जानकारी Sportstar की रिपोर्ट में भी पढ़ी जा सकती है।






