बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन बीएमसी विवाद को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने शनिवार 17 अक्टूबर की सुबह अभिनेता के जुहू स्थित बंगले पर बड़ी कार्रवाई की और कथित अनधिकृत निर्माण के हिस्सों को ध्वस्त कर दिया। यह बंगला जुहू इलाके की कपोल कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में स्थित है और करीब 7,802 वर्ग फुट में फैला हुआ है। निगम के मुताबिक बंगले के भीतर बिना किसी आधिकारिक अनुमति के कई संरचनात्मक बदलाव किए जा रहे थे, जिनमें पार्टीशन की दीवारें खड़ी करना और खिड़कियों में फेरबदल शामिल था।
इस मामले की जड़ सितंबर महीने में है। बीएमसी ने 10 सितंबर को मुंबई नगर निगम अधिनियम की धारा 354A के तहत अभिनेता को एक औपचारिक नोटिस जारी किया था। उस नोटिस में निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रोकने और उससे जुड़े वैध दस्तावेज व अनुमतियां पेश करने का निर्देश दिया गया था। हालांकि नगर निगम का दावा है कि नोटिस मिलने के बावजूद बंगले के भीतर निर्माण गतिविधियां जारी रहीं, जिसके बाद निगम ने नियमों के तहत आगे की प्रक्रिया अपनाई।
अजय देवगन बीएमसी मामले में कब क्या हुआ
नोटिस की अनदेखी के बाद शनिवार 17 अक्टूबर की सुबह नगर निगम के अधिकारी अभिनेता के बंगले पर पहुंचे और उन हिस्सों को हटाना शुरू कर दिया, जिन्हें बिना अनुमति के तैयार किया गया था। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक कार्रवाई के दौरान बंगले के अंदर बने अतिरिक्त ढांचों को ध्वस्त किया गया। वहीं इस पूरे घटनाक्रम को लेकर खबर लिखे जाने तक अभिनेता अजय देवगन या उनकी टीम की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दरअसल, बीएमसी की ओर से यह साफ कहा गया है कि बार-बार निर्देश देने के बावजूद काम न रुकने पर ही यह सख्त कदम उठाया गया।
इस घटना के बाद बॉलीवुड गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब किसी फिल्मी हस्ती की संपत्ति पर नगर निगम की कार्रवाई हुई हो, लेकिन अजय देवगन जैसे बड़े स्टार के नाम जुड़ने से मामला ज्यादा सुर्खियां बटोर रहा है। फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अभिनेता की टीम इस मामले में क्या रुख अपनाती है और आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाते हैं। अजय देवगन की दृश्यम 3 ने रचा इतिहास, दूसरे हफ्ते भी रिकॉर्डतोड़ कमाई.
स्रोत: जूम टीवी की रिपोर्ट






