मोहम्मद शमी का टीम इंडिया में वापसी का इंतजार एक बार फिर लंबा हो गया है। BCCI ने न्यूजीलैंड दौरे के लिए वनडे और टेस्ट टीम का ऐलान कर दिया है, लेकिन अनुभवी तेज गेंदबाज शमी का नाम दोनों में से किसी भी टीम में शामिल नहीं है। घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन के बावजूद चयनकर्ताओं ने इस बार भी उन पर भरोसा नहीं जताया है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो शमी का दावा किसी से कम नहीं था। 2025-26 के रणजी ट्रॉफी सीजन में बंगाल के इस तेज गेंदबाज ने महज 7 मैचों में 37 विकेट चटकाए थे, जबकि दलीप ट्रॉफी 2026 में भी उन्होंने 3 मैचों में 7 विकेट अपने नाम किए। इसके अलावा चालू रणजी सीजन के एकमात्र मैच में भी उन्होंने 4/30 और 1/29 का शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि आईपीएल के पिछले दो सीजन में उनका प्रदर्शन औसत रहा, और शायद यही वजह रही कि चयनकर्ताओं का झुकाव युवाओं की तरफ ज्यादा रहा।
दरअसल, शमी मार्च 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल के बाद से टीम इंडिया से बाहर हैं, जहां उन्होंने 5 पारियों में 9 विकेट लेकर खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई थी। वहीं टेस्ट क्रिकेट में तो उन्होंने जून 2023 से कोई मैच नहीं खेला है। घरेलू क्रिकेट में फिटनेस और फॉर्म दोनों साबित करने के बावजूद वापसी न होने से उनके भविष्य को लेकर सवाल अब और गहरे हो गए हैं।
मोहम्मद शमी की वापसी की राह अब और कठिन
इसके उलट टेस्ट टीम में दो युवा तेज गेंदबाजों की वापसी जरूर हुई है। करीब आठ महीने से चोट के कारण बाहर चल रहे आकाश दीप ने टेस्ट स्क्वाड में वापसी की है, जबकि अंशुल कंबोज को इंग्लैंड दौरे के बाद एक बार फिर टीम में मौका दिया गया है। टेस्ट टीम में जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी मौजूद हैं, जबकि वनडे टीम से बुमराह को आराम दिया गया है। वहीं वनडे टीम में रोहित शर्मा, विराट कोहली, केएल राहुल और कुलदीप यादव जैसे दिग्गजों को जगह मिली है।
यहां बता दें कि न्यूजीलैंड दौरे के लिए पहले घोषित टी20 टीम में भी युवा चेहरों को तरजीह मिली थी। न्यूजीलैंड का यह दौरा 4 से 15 नवंबर तक पांच वनडे मैचों के साथ शुरू होगा, जिसके बाद 19 नवंबर से दो टेस्ट मैच खेले जाएंगे। पहले तीन वनडे में शुभमन गिल कप्तानी करेंगे, जबकि आखिरी दो मैचों में श्रेयस अय्यर टीम की कमान संभालेंगे। अब देखना होगा कि क्या शमी घरेलू सीजन में और धारदार प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं का ध्यान दोबारा खींच पाते हैं (स्रोत: द इकोनॉमिक टाइम्स)






