रहाणे का बड़ा खुलासा: मयंक यादव की रफ़्तार को क्या हुआ? 4 ओवर में 40 रन के पीछे बताई ये बड़ी वजह

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रहाणे का बड़ा खुलासा: मयंक यादव की रफ़्तार को क्या हुआ? 4 ओवर में 40 रन के पीछे बताई ये बड़ी वजह
फोटो: SuperSport / MyKhel (प्रेस फोटो) | कोलाज: TheFocusWorld

भारत ने लखनऊ में मयंक यादव के साथ पहले T20I में वेस्टइंडीज़ को 8 विकेट से रौंद दिया। मंगलवार 6 अक्टूबर को खेले गए मुकाबले में मेहमान टीम 19.1 ओवर में 171 रन पर ढेर हुई, जिसके बाद श्रेयस अय्यर ने 43 गेंदों में नाबाद शतक जड़कर 14.4 ओवर में जीत दिला दी। हालांकि, इस धमाकेदार जीत के बीच एक नाम लगातार चर्चा में रहा — वह था युवा तेज गेंदबाज़ मयंक यादव, जिनकी गेंदबाज़ी पर अजिंक्य रहाणे ने बड़ा दावा किया है।

मयंक ने चार ओवरों में 40 रन लुटाए और सिर्फ एक विकेट चटकाया, जो आखिरी हिस्से में आया। 24 साल के इस गेंदबाज़ की पहचान 150 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार थी, लेकिन लखनऊ में वह रफ्तार गायब दिखी। पूरे स्पेल में उन्होंने बार-बार धीमी गेंदें फेंकी, स्टॉक लेंथ पर जोर नहीं दिखा। वहीं, क्रिकबज़ के मिड-इनिंग्स शो में रहाणे ने कहा कि उन्हें लगा कि मयंक के दिमाग में पिछली चोटों को लेकर कुछ चल रहा था — यही वजह थी कि रफ्तार कम दिखी और उन्होंने इतनी धीमी गेंदें डालीं, क्योंकि दोबारा चोटिल नहीं होना चाहता कोई भी खिलाड़ी।

मयंक यादव पर कार्तिक भी हुए नाराज़

दिनेश कार्तिक भी मयंक की गेंदबाज़ी से संतुष्ट नहीं दिखे। कार्तिक ने कहा कि जब मयंक को टीम इंडिया में चुना गया था, तब वह लगातार 150 से ऊपर की रफ्तार डालते थे, लेकिन लखनऊ में उन्होंने स्टॉक गुड लेंथ या बाउंसर से ज्यादा धीमी गेंद पर भरोसा किया। कार्तिक ने आगे कहा कि मयंक को नई गेंद के साथ लेंथ पर लय और आत्मविश्वास दिखाना होगा, तभी वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टिक पाएंगे। हालांकि, यह टिप्पणी आलोचना से ज्यादा एक सीनियर की चिंता जैसी लगी।

इस डर की जड़ मयंक की चोटों का पुराना इतिहास है। IPL 2024 में लखनऊ के लिए धमाकेदार प्रदर्शन के बाद उन्होंने उसी साल बांग्लादेश के खिलाफ डेब्यू किया, लेकिन फिर पीठ की बार-बार होने वाली चोटों ने उन्हें लगभग दो साल दूर रखा। उन्हें स्ट्रेस फ्रैक्चर की सर्जरी के लिए जुलाई 2025 में क्राइस्टचर्च तक जाना पड़ा। इसी साल जुलाई में जिम्बाब्वे T20I सीरीज़ में वापसी पर पहले ही मैच में 2-18 के साथ वह प्लेयर ऑफ द मैच बने।

टीम प्रबंधन के मुताबिक, बुमराह को पूरे सीरीज़ से आराम दिया गया है, इसलिए युवा तेज गेंदबाज़ों को मौके मिल रहे हैं। वही, गेंदबाज़ी कोच मोर्ने मोर्कल ने कहा कि ऐसे मौके खिलाड़ियों के पूल को बढ़ाने के लिए जरूरी हैं और मयंक की रफ्तार उन्हें अलग बनाती है। दरअसल, अब सारी नज़रें शुक्रवार 9 अक्टूबर को रांची में होने वाले दूसरे T20I पर हैं, जहां मयंक को रफ्तार और आत्मविश्वास — दोनों को साबित करना होगा। इस मुकाबले का पहले T20I का पूरा रिपोर्ट आप यहां पढ़ सकते हैं।

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