वजन घटाने की नई उम्मीद? 28 हफ्तों में 9.2% तक वजन घटाने वाली इस दवा के नतीजे चौंका देंगे!

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वजन घटाने की नई उम्मीद? 28 हफ्तों में 9.2% तक वजन घटाने वाली इस दवा के नतीजे चौंका देंगे!
फोटो: menshealthweek.co.nz और nanalyze.com

मोटापे और टाइप-2 डायबिटीज से जूझ रहे करोड़ों लोगों के लिए एक नई वजन घटाने की दवा उम्मीद लेकर आई है। डेनमार्क की बायोटेक कंपनी Zealand Pharma ने अपनी एक्सपेरिमेंटल दवा के मिड-स्टेज ट्रायल के नतीजे जारी किए हैं, जिसे वह स्विट्जरलैंड की दिग्गज दवा कंपनी Roche के साथ मिलकर विकसित कर रही है। ट्रायल में शामिल मरीजों का वजन 28 हफ्तों में 9.2 प्रतिशत तक घटा, जबकि प्लेसीबो लेने वालों का वजन सिर्फ 2 प्रतिशत कम हुआ। हालांकि यह दवा अभी प्रायोगिक चरण में है और इसे अंतिम मंजूरी मिलने में लंबा समय लग सकता है।

ZUPREME-2 नाम के इस फेज-2 ट्रायल में 220 ऐसे लोग शामिल थे, जिनका वजन अधिक था या जो मोटापे के शिकार थे और साथ ही टाइप-2 डायबिटीज से भी पीड़ित थे। इन मरीजों को हफ्ते में एक बार पेट्रेलिंटाइड (petrelintide) का सबक्यूटेनियस इंजेक्शन दिया गया। अलग-अलग डोज वाले तीनों ट्रीटमेंट आर्म में वजन में सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण और चिकित्सकीय दृष्टि से अर्थपूर्ण कमी दर्ज की गई। नतीजों के मुताबिक, डोज के हिसाब से वजन में 7.4 से 9.2 प्रतिशत तक की कमी आई और ट्रायल ने अपना मुख्य लक्ष्य हासिल कर लिया।

वजन घटाने की दवा कैसे करती है काम?

पेट्रेलिंटाइड एक एमिलिन एनालॉग है, यानी यह एमिलिन नाम के उस हार्मोन की नकल करता है जो इंसुलिन के साथ शरीर में बनता है। इसी वजह से यह न सिर्फ वजन घटाने में मदद करता है, बल्कि ब्लड शुगर कंट्रोल पर भी सीधा असर डालता है। ट्रायल में दवा लेने वाले मरीजों का HbA1c लेवल 0.65 प्रतिशत तक घटा, वहीं प्लेसीबो समूह में यह 0.23 प्रतिशत बढ़ गया।

दवा के साइड इफेक्ट्स को लेकर भी कंपनी ने राहत की खबर दी है। अधिकतर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल साइड इफेक्ट हल्के थे और ज्यादातर डोज बढ़ाने के दौरान ही सामने आए। दवा छोड़ने वालों की दर सिर्फ 1.9 प्रतिशत रही, जो प्लेसीबो समूह की 1.7 प्रतिशत के बराबर थी। ऐसे में सुरक्षा और सहनशीलता के मामले में यह दवा प्लेसीबो के लगभग बराबर नजर आई।

Roche ने पिछले साल इस दवा के लिए 5.3 अरब डॉलर तक की साझेदारी और लाइसेंसिंग डील की थी, । इसके बाद दोनों कंपनियों ने करीब 7,000 लोगों पर फेज-3 परीक्षण शुरू कर दिया है, जिसमें डायबिटीज वाले और बिना डायबिटीज वाले दोनों तरह के मरीज शामिल हैं। हालांकि यह सिर्फ मिड-स्टेज का नतीजा है और अंतिम मंजूरी से पहले बड़े ट्रायल के आंकड़े बाकी हैं। वहीं, डायबिटीज कंट्रोल के अन्य तरीकों के बारे में हमने बिना दवा डायबिटीज कंट्रोल? 54% मरीजों पर असरदार रहा ये फॉर्मूला में बताया है, और इस ट्रायल का पूरा ब्योरा Reuters की रिपोर्ट में दिया गया है।

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