भारतीय महिला क्रिकेट में बड़ा उलटफेर सामने आया है — हरमनप्रीत कौर कप्तानी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। 37 साल की हरमनप्रीत ने मंगलवार 6 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट के जरिए तीनों फॉर्मेट की कप्तानी से इस्तीफे की घोषणा की। उनका ये फैसला बीसीसीआई की समीक्षा बैठक के ठीक एक दिन बाद आया है, जो सोमवार को गुवाहाटी में आयोजित हुई थी। इस बैठक की अध्यक्षता बीसीसीआई सचिव देवाजित सैकिया ने की थी और इसमें उपकप्तान स्मृति मंधाना व मुख्य कोच अमोल मजुमदार भी मौजूद थे।
हरमनप्रीत का कप्तानी सफर पूरे एक दशक लंबा रहा — 2016 में उन्होंने टी20 टीम की कमान संभाली, 2022 में मिताली राज के संन्यास के बाद वनडे की कप्तानी मिली और 2023 में वे तीनों फॉर्मेट की पूर्णकालिक कप्तान बन गईं। उनके नेतृत्व में भारत ने पिछले साल अपना पहला वनडे विश्व कप जीता और पिछले महीने एशियाई खेलों में लगातार दूसरा गोल्ड मेडल भी अपने नाम किया। हालांकि इंग्लैंड में इसी साल हुए टी20 विश्व कप में टीम नॉकआउट तक नहीं पहुंच पाई थी, जिसके बाद उनकी कप्तानी पर सवाल उठने लगे थे।
हरमनप्रीत कौर कप्तानी छोड़ने के बाद कौन संभालेगा कमान?
अगली कप्तान की रेस में स्मृति मंधाना सबसे आगे चल रही हैं, जो लंबे समय से हरमनप्रीत की उपकप्तान हैं और पहले भी नेतृत्व संभालने की अपनी इच्छा जता चुकी हैं। दरअसल हरमनप्रीत ने अपने भावुक संदेश में साफ कहा कि उन्होंने टीम को अपना सब कुछ दिया और अब वे खेल को सिर्फ खेल के प्यार के लिए खेलना चाहती हैं — उनकी लाइन “कैप्टनसी खत्म, सफर जारी” सुर्खियों में छाई हुई है। इससे नई पीढ़ी को कमान सौंपने का रास्ता साफ हो गया है। इधर पुरुष टीम भी इस समय वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में उतरी है, जिसमें श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली युवा टीम नई शुरुआत कर रही है (लखनऊ में 6 अक्टूबर को धमाका! पहला टी20 जीतकर कौन लेगा सीरीज में बढ़त?)।
अब जल्द ही महिला चयनकर्ता जिम्बाब्वे के खिलाफ छह मैचों की सफेद गेंद सीरीज के लिए टीम का ऐलान करेंगी — तीन टी20 मैच रायपुर में 16, 18 और 20 अक्टूबर को और तीन वनडे मुकाबले वडोदरा में 23, 26 और 28 अक्टूबर को खेले जाएंगे। यही नई कप्तान की पहली बड़ी परीक्षा होगी। हालांकि हरमनप्रीत खिलाड़ी के तौर पर टीम से जुड़ी रहेंगी, जिससे युवा टीम को उनके विशाल अनुभव का फायदा मिलता रहेगा। एनडीटीवी स्पोर्ट्स की रिपोर्ट के मुताबिक पूर्व कप्तान डायना एडुल्जी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि यह महिला क्रिकेट के भविष्य के हित में लिया गया अच्छा फैसला है।






