पृथ्वी शॉ के हाथ लगी बड़ी जिम्मेदारी! रणजी ट्रॉफी ओपनर में मिली ये खास भूमिका

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पृथ्वी शॉ के हाथ लगी बड़ी जिम्मेदारी! रणजी ट्रॉफी ओपनर में मिली ये खास भूमिका
पृथ्वी शॉ को महाराष्ट्र की रणजी ट्रॉफी टीम का कप्तान बनाया गया है। (फोटो: mykhel.com, artifex.news)

भारतीय क्रिकेट में वापसी का रास्ता तलाश रहे सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ के लिए शनिवार का दिन बेहद खास रहा। घरेलू क्रिकेट के सबसे बड़े टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी के नए सीजन के लिए उन्हें महाराष्ट्र टीम का कप्तान नियुक्त किया गया है। पृथ्वी शॉ कप्तान बनने के बाद अब 11 अक्टूबर से नई दिल्ली में सर्विसेज के खिलाफ ओपनर मैच में टीम की कमान संभालेंगे। इस ऐलान के साथ ही एक बार फिर उनकी कप्तानी क्षमता और फॉर्म पर सबकी नजरें टिक गई हैं।

पृथ्वी शॉ कप्तान बनने की वजह

दरअसल, महाराष्ट्र के नियमित कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ इस मैच में नहीं खेलेंगे, क्योंकि वह इंडिया ए की अगुवाई करते हुए पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ तीन अनऑफिशियल वनडे मैचों की सीरीज खेलेंगे। इसी वजह से चयनकर्ताओं ने शॉ पर भरोसा जताते हुए उन्हें 16 सदस्यीय टीम की कप्तानी सौंप दी है। महाराष्ट्र और सर्विसेज को एलीट ग्रुप सी में रखा गया है, जहां बंगाल, दिल्ली, गुजरात, झारखंड, केरल और ओडिशा जैसी मजबूत टीमें भी मौजूद हैं। वहीं, रणजी ट्रॉफी का नया सीजन 11 अक्टूबर से ही शुरू हो रहा है।

पिछले साल मुंबई छोड़कर महाराष्ट्र का रुख करने वाले शॉ ने पिछले सीजन में धमाकेदार वापसी की थी। उन्होंने चंडीगढ़ के खिलाफ 156 गेंदों पर 222 रनों की तूफानी पारी खेली थी, जिसमें सिर्फ 141 गेंदों में दोहरा शतक पूरा किया था और यह रणजी ट्रॉफी इतिहास का तीसरा सबसे तेज दोहरा शतक था। इसके बाद से ही उनकी गिनती घरेलू क्रिकेट के सबसे आक्रामक सलामी बल्लेबाजों में होने लगी है। हालांकि, लंबे समय से राष्ट्रीय टीम से दूर रहने के कारण उन पर निरंतर प्रदर्शन का दबाव भी भरपूर होगा।

शॉ के लिए कप्तानी कोई नई बात नहीं है, क्योंकि वह 2018 में भारत की अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम के कप्तान रह चुके हैं। उसी साल वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट डेब्यू पर शतक जड़कर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में धमाकेदार एंट्री की थी। इसके बाद से ही वह अपनी बेखौफ बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं, और अब घरेलू क्रिकेट में कप्तानी की यह नई जिम्मेदारी उनके करियर का अहम मोड़ साबित हो सकती है। तीसरे वनडे में वेस्टइंडीज ने भारत को हराकर सीरीज में वापसी की थी

इसके बाद अब शॉ की नजरें पूरी तरह 11 अक्टूबर को नई दिल्ली में होने वाले मैच पर हैं, जहां उनकी कप्तानी की असली परीक्षा होगी। अगर वह बल्ले से कमाल दिखाने के साथ टीम को जीत की पटरी पर डालते हैं, तो राष्ट्रीय टीम के चयनकर्ताओं की नजर उन पर जरूर पड़ेगी। हालांकि, इसके लिए उन्हें पूरे सीजन में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। इस बड़ी खबर के बारे में अधिक जानकारी स्पोर्टस्टार की रिपोर्ट में पढ़ी जा सकती है।

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