इंस्टाग्राम पर सिगरेट बन रही ‘कूल’! 80% पोस्ट तंबाकू को दिखा रही सकारात्मक, स्टडी में बड़ा खुलासा

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इंस्टाग्राम पर सिगरेट बन रही ‘कूल’! 80% पोस्ट तंबाकू को दिखा रही सकारात्मक, स्टडी में बड़ा खुलासा
तस्वीरें: mgsnetwork.net, halfphoto.com; कोलाज TheFocusWorld

इंस्टाग्राम पर तंबाकू से जुड़ी पोस्ट्स का विश्लेषण करने वाली एक नई स्टडी ने चौंकाने वाले नतीजे दिए हैं। इंस्टाग्राम तंबाकू स्टडी में पाया गया कि धूम्रपान दिखाने वाली करीब 80% पोस्ट्स में तंबाकू के प्रति सकारात्मक भावना जाहिर की गई थी। वहीं लगभग 62% पोस्ट्स में सीधे तौर पर तंबाकू का इस्तेमाल दिखाया गया था। Indian Journal of Community Medicine में प्रकाशित इस स्टडी के मुताबिक, यह चलन युवाओं के बीच धूम्रपान को ‘कूल’ और आकर्षक बनाने का काम कर रहा है।

इंस्टाग्राम तंबाकू स्टडी के सबसे चौंकाने वाले आंकड़े

शोधकर्ताओं ने पाया कि इन पोस्ट्स में स्वास्थ्य चेतावनी लगभग नदारद थी — सिर्फ 2.8% पोस्ट्स में हेल्थ वार्निंग मौजूद थी, जबकि धूम्रपान-विरोधी जागरूकता का इरादा महज 1.5% पोस्ट्स में दिखा। वहीं प्लेटफॉर्म की नीतियों और नियामकीय प्रतिबंधों के बावजूद तंबाकू का यह महिमामंडन और गुप्त मार्केटिंग बदस्तूर जारी है। हालांकि स्टडी की एक सीमा भी है — यह विश्लेषण सिर्फ एक प्लेटफॉर्म की एल्गोरिद्मिक टॉप पोस्ट्स और चुने हुए हैशटैग्स पर आधारित है।

वहीं इस ट्रेंड की पुष्टि एक अन्य अंतरराष्ट्रीय स्टडी से भी होती है। MedicalXpress के मुताबिक, Tobacco Control जर्नल में प्रकाशित 2026 की एक स्टडी में पाया गया कि बड़े अमेरिकी तंबाकू ब्रांड इंस्टाग्राम पर युवाओं की पहुंच रोकने वाली नीतियों की खुलेआम अवहेलना कर रहे हैं। पोस्ट्स में कमर्शियल तंबाकू वेबसाइटों के लिंक तक दिए जा रहे थे, जबकि इन्फ्लुएंसर पोस्ट्स में एफटीसी के अनिवार्य विज्ञापन खुलासे गायब थे और एफडीए की हेल्थ वार्निंग नियमों का पालन भी अधूरा था।

दरअसल, सोशल मीडिया पर इस तरह की कंटेंट से तंबाकू के इस्तेमाल को लेकर युवाओं की धारणाएं बदलती हैं, और प्रयोग करने की आशंका बढ़ती है। इससे जुड़ा एक गंभीर खतरा पैसिव स्मोकिंग से होने वाली 3.25 लाख मौतों की स्टडी में भी सामने आ चुका है। शोधकर्ताओं का कहना है कि क्लिनिशियन्स और जन-स्वास्थ्य एजेंसियों को अपने निगरानी तंत्र में ऑटोमेटेड सोशल मीडिया मॉनिटरिंग को शामिल करना चाहिए और डिजिटल रिपोर्टिंग के लिए पारदर्शी व्यवस्था की वकालत करनी चाहिए। इस स्टडी की विस्तृत जानकारी के लिए आप Medical Dialogues की रिपोर्ट पढ़ सकते हैं।

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