अगर आपकी उम्र 45 साल से कम है और टाइप 2 डायबिटीज से जूझ रहे हैं, तो एक नई स्टडी आपके लिए उम्मीद की किरण लेकर आई है। इटली के मिलान में हुई यूरोपियन एसोसिएशन फॉर द स्टडी ऑफ डायबिटीज (EASD) की सालाना बैठक में पेश इस रिसर्च का दावा है कि लो-कैलोरी डाइट और स्ट्रक्चर्ड एक्सरसाइज के कॉम्बिनेशन से आधे से ज्यादा मरीजों की डायबिटीज 24 हफ्तों में कंट्रोल हो गई। यह स्टडी प्रतिष्ठित जर्नल द लैंसेट रीजनल हेल्थ अमेरिकाज में प्रकाशित हुई है।
इस ट्रायल को कनाडा की मैकगिल यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर Kaberi Dasgupta और ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ लीसेस्टर के प्रोफेसर Thomas Yates ने अपनी टीम के साथ अंजाम दिया। इसमें 45 साल से कम उम्र के अर्ली-ऑनसेट टाइप 2 डायबिटीज (EOT2D) के मरीजों को शामिल किया गया, क्योंकि यह डायबिटीज का एक आक्रामक रूप माना जाता है जिसमें ब्लड शुगर तेजी से बिगड़ता है और कम उम्र में ही कॉम्प्लिकेशन्स का खतरा बढ़ जाता है।
टाइप 2 डायबिटीज पर कैसे हुआ यह ट्रायल
ट्रायल में 50 मरीजों को डाइट और एक्सरसाइज वाले ग्रुप में रखा गया, जबकि 46 मरीजों को सामान्य इलाज दिया गया। डाइट ग्रुप के मरीजों ने पहले 12 हफ्तों तक कम कैलोरी वाली डाइट ली, जिसमें हफ्ते में दो बार सुपरवाइज्ड एरोबिक और रेजिस्टेंस ट्रेनिंग के साथ एक बार खुद से एक्सरसाइज भी शामिल थी। इसके बाद 13वें से 24वें हफ्ते तक उन्होंने वजन बनाए रखने वाली डाइट के साथ स्वतंत्र रूप से एक्सरसाइज जारी रखी।
नतीजे चौंकाने वाले रहे — डाइट और एक्सरसाइज ग्रुप के 54% यानी 27 मरीजों की डायबिटीज 24 हफ्तों में रिमिशन में पहुंच गई, जबकि सामान्य इलाज वाले ग्रुप में यह आंकड़ा सिर्फ 4% (2 मरीज) रहा। रिमिशन का मतलब था कि मरीज का HbA1c 6.5% से नीचे आ गया और कम से कम 12 हफ्तों तक उन्हें डायबिटीज की कोई दवा नहीं लेनी पड़ी। सांख्यिकीय विश्लेषण के मुताबिक डाइट-एक्सरसाइज ग्रुप में रिमिशन की संभावना 21 गुना ज्यादा थी।
वजन में भी बड़ा फर्क दिखा — डाइट और एक्सरसाइज ग्रुप ने औसतन 8.4 किलो वजन घटाया, जबकि दूसरे ग्रुप में सिर्फ 1.2 किलो की कमी आई। राहत की बात यह रही कि घटा हुआ वजन ज्यादातर चर्बी (लगभग 6.7 किलो) का था, और एक्सरसाइज की वजह से मांसपेशियां बची रहीं, जो लंबे समय की सेहत के लिए बेहद जरूरी हैं। हालांकि शोधकर्ताओं ने साफ किया कि यह ट्रायल डॉक्टरों की निगरानी में हुआ था (स्रोत: MedicalXpress), इसलिए कोई भी मरीज अपनी दवा खुद से बंद न करे।
डायबिटीज ही नहीं, हाल ही में कॉफी को लेकर हुई एक बड़ी स्टडी में भी डाइट और लाइफस्टाइल का सेहत पर गहरा असर सामने आया था। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसा कोई भी प्लान डॉक्टर की सलाह से ही अपनाना चाहिए।







