राष्ट्रीय राजमार्गों पर रोजाना सफर करने वाले वाहन मालिकों के लिए रविवार, 1 नवंबर 2026 से FASTag नए नियम लागू हो गए हैं, और इसका सबसे बड़ा फायदा टोल प्लाजा के पास रहने वाले लोगों को मिलेगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 26 अक्टूबर 2026 को जारी राजपत्र अधिसूचना के जरिए राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियमों में पांचवां संशोधन किया है, जिसके तहत पात्र निजी वाहन मालिक अब रियायती सालाना लोकल पास खरीद सकेंगे। हालांकि यह सुविधा हर वाहन मालिक के लिए नहीं है, वहीं जिन लोगों का घर टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में है, उनके लिए यह बड़ी राहत साबित होगी।
FASTag नए नियम: कौन उठा सकेगा फायदा और कितनी होगी कीमत
नए नियमों के तहत सालाना लोकल पास की कीमत इस बात पर निर्भर करेगी कि संबंधित टोल प्लाजा नगरपालिका या स्थानीय कस्बे की सीमा के भीतर है या बाहर। इसके बाद यदि टोल प्लाजा शहर की सीमा से बाहर स्थित है, तो सालाना पास सिर्फ 1,500 रुपये में मिलेगा, जबकि सीमा के भीतर स्थित टोल प्लाजा के लिए 3,000 रुपये सालाना देने होंगे। वहीं यह पास केवल उसी एक टोल प्लाजा के लिए मान्य होगा, जिसके लिए इसे जारी किया गया है, हालांकि सरकार हर साल 1 अप्रैल को इन दरों की समीक्षा कर सकती है।
पात्रता की शर्तें भी साफ तय की गई हैं, और इन्हें पूरा करना हर आवेदक के लिए जरूरी होगा। दरअसल आवेदक के पास गैर-व्यावसायिक उपयोग के लिए पंजीकृत वैध और चालू FASTag वाला निजी वाहन होना चाहिए, और उसका निवास संबंधित टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के भीतर होना चाहिए। इसके बाद व्यावसायिक वाहनों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा, वहीं जिन राजमार्गों या एक्सप्रेसवे पर क्लोज्ड टोल कलेक्शन सिस्टम लागू है, या जहां सर्विस रोड या वैकल्पिक सड़क उपलब्ध है, वहां यह सुविधा नहीं मिलेगी।
फायदे का गणित समझें तो यह बदलाव स्थानीय वाहन मालिकों की जेब पर सीधा असर डालेगा। हालांकि अभी पात्र वाहन मालिकों को मासिक लोकल पास के लिए 360 रुपये देने पड़ते हैं, जिससे सालभर का खर्च 4,320 रुपये हो जाता है। इसके बाद 1,500 रुपये वाले सालाना पास से हर साल 2,820 रुपये तक की बचत हो सकेगी,
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने 27 अक्टूबर को इस बदलाव की जानकारी दी थी, और अब यह व्यवस्था 1 नवंबर से प्रभावी हो गई है। टेक्नोलॉजी और ऑटो से जुड़ी ऐसी ही उपयोगी खबरों के लिए आप हमारी यह रिपोर्ट भी पढ़ सकते हैं, और नए नियमों की विस्तृत जानकारी अमर उजाला की इस खबर में भी उपलब्ध है।

