भारतीय महिला क्रिकेट टीम की दिग्गज बल्लेबाज़ पूनम राउत ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से पूनम राउत संन्यास का ऐलान कर दिया है। 37 साल की राउत ने गुरुवार 15 अक्टूबर को इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट के ज़रिए यह फैसला दुनिया के सामने रखा। 2009 में डेब्यू करने वाली राउत ने 12 साल लंबे करियर में चार टेस्ट, 73 वनडे और 35 टी20 मैच खेले। उनका यह ऐलान ऐसे समय आया है, जब भारतीय महिला क्रिकेट एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है — आज ही स्मृति मंधाना पूर्णकालिक कप्तान के तौर पर अपना पहला मैच खेल रही हैं।
पूनम राउत संन्यास: 2017 वर्ल्ड कप फाइनल की वो यादगार पारी
पूनम राउत का करियर आंकड़ों में बेहद शानदार रहा। उन्होंने 73 वनडे मैचों में 34.83 की औसत से 2,299 रन बनाए, जिसमें तीन शतक और 15 अर्धशतक शामिल हैं, और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 109 नाबाद रन रहा। चार टेस्ट मैचों में उन्होंने 44.00 की औसत से 264 रन बनाए, जिसमें 2014 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैसूर में जड़ा 130 रन का शतक शामिल है — जो उनके टेस्ट करियर का सर्वश्रेष्ठ स्कोर रहा।
हालांकि राउत को सबसे ज़्यादा याद 2017 महिला वर्ल्ड कप में उनके प्रदर्शन के लिए किया जाएगा। उस टूर्नामेंट में उन्होंने कुल 381 रन बनाए और आयरलैंड के खिलाफ दीप्ति शर्मा के साथ मिलकर 320 रन की रिकॉर्ड ओपनिंग साझेदारी की, जिसमें उन्होंने खुद 109 रन ठोके। वहीं लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में उनकी 86 रन की पारी भारतीय फैंस कभी नहीं भूल सकते, हालांकि भारत वह मुकाबला नौ रन से हार गया था। इसके अलावा राउत ने 2009, 2013 और 2017 के तीन वनडे वर्ल्ड कप और चार टी20 वर्ल्ड कप भी खेले।
संन्यास के ऐलान के साथ पूनम ने लिखा कि क्रिकेट ने उन्हें सिर्फ करियर नहीं, बल्कि एक पहचान, एक मकसद और एक परिवार दिया है। उन्होंने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन का भी शुक्रिया अदा किया, जिसने उनके शुरुआती दिनों में उन पर भरोसा जताया। राउत ने कहा कि अब उनकी अगली पारी इस खेल को कुछ लौटाने की होगी। दरअसल, एक तरफ जहां पूनम जैसे अनुभवी खिलाड़ी अलविदा कह रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ स्मृति मंधाना की कप्तानी में टीम इंडिया का नया सफर रायपुर में ज़िम्बाब्वे के खिलाफ शुरू हो चुका है — मंधाना युग की शुरुआत के बारे में विस्तार से यहां पढ़ें। पूनम राउत के संन्यास की खबर की पुष्टि: एनडीटीवी।






