आधी रात को क्यों हुआ नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार? बेटे मल्हार ने बताई ये बड़ी वजह

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आधी रात को क्यों हुआ नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार? बेटे मल्हार ने बताई ये बड़ी वजह
नाना पाटेकर (बाएं) और बेटे मल्हार पाटेकर (दाएं)। तस्वीरें: महाराष्ट्र टाइम्स और प्रोकेरला।

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर को गुरुवार 8 अक्टूबर की रात पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। नाना पाटेकर अंतिम संस्कार पुणे के डोणजे फार्महाउस में सूर्यास्त के बाद किया गया, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया। दरअसल हिंदू परंपरा में सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार की मनाही होती है, हालांकि परिवार को इस बार मजबूरी में यह कदम उठाना पड़ा। इसके बाद बेटे मल्हार पाटेकर ने खुद मीडिया के सामने आकर बताया कि आखिर आधी रात को अंतिम संस्कार क्यों करना पड़ा।

नाना पाटेकर का निधन गुरुवार सुबह गोवा में कार्डियक अरेस्ट से हुआ, उस समय उनकी उम्र 75 साल थी। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक उन्हें सुबह 5:20 बजे मृत घोषित किया गया, इसके पहले डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक सीपीआर देकर बचाने की कोशिश की। पणजी पुलिस ने मौत को लेकर असामान्य मृत्यु का केस भी दर्ज किया है, वहीं निधन की विस्तृत खबर हमारी पहले की रिपोर्ट में पढ़ें।

नाना पाटेकर अंतिम संस्कार सूर्यास्त के बाद क्यों हुआ

अंतिम संस्कार के बाद मल्हार पाटेकर ने मीडिया से कहा कि पार्थिव शरीर गोवा में था और उसे पुणे के फार्महाउस तक लाने में अपेक्षा से कहीं ज्यादा समय लग गया। निधन सुबह-सुबह हुआ था और तब तक काफी समय बीत चुका था, इसलिए शव को और देर तक रखना उचित नहीं था। वहीं इस देरी की वजह से कई फिल्मी सितारे अंतिम संस्कार में समय पर नहीं पहुंच पाए।

पुणे के डोणजे फार्महाउस में अभिनेता को तीन बंदूकों की सलामी के साथ राजकीय सम्मान दिया गया और बेटे मल्हार ने ही उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में जैकी श्रॉफ भावुक नजर आए, इसके अलावा तुकाराम मुंडे, श्याम कौशल और अनीस बज्मी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे एयरपोर्ट पर श्रद्धांजलि दी और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे फार्महाउस पहुंचे, जैसा कि एबीपी न्यूज़ की रिपोर्ट में बताया गया है।

बेटे मल्हार का प्रण — नाम फाउंडेशन की विरासत संभालेंगे

मल्हार ने कहा कि नाना साहेब जैसे लोग कभी जाते नहीं, वे अपने काम से अजरामर यानी अमर रहते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि उनके पिता का हमेशा एक ही संदेश था — मानवता के नाम पर एकजुट होकर दुनिया को बेहतर बनाने के लिए काम करो। नाम फाउंडेशन के जरिए नाना का समाजसेवा का काम महाराष्ट्र से लेकर जम्मू-कश्मीर तक शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में जारी था, और आगे भी जारी रहेगा।

मल्हार के मुताबिक उनके पिता ने पहले ही हर योग्य व्यक्ति को जिम्मेदारियां सौंप दी थीं, इसलिए समाजसेवा का सिलसिला रुकेगा नहीं। सलमान खान ने भी अपने खामोशी को-स्टार के निधन के बाद मुंबई का एक कार्यक्रम स्थगित कर दिया। पूरा फिल्म उद्योग शोक में है, वहीं प्रशंसक सोशल मीडिया पर उन्हें भावुक श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

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