भारतीय टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज़ से पहले वाशिंगटन सुंदर को स्क्वॉड से बाहर करने का जो साहसिक फैसला लिया था, वह पहले ही मैच में सही साबित हो गया। सुंदर की जगह आए नमन धीर ने लखनऊ में डेब्यू मैच में 3 विकेट लेकर सबका ध्यान खींच लिया। बीसीसीआई ने 1 अक्टूबर को सुंदर को टी20 स्क्वॉड से वापस लेने की घोषणा की थी। इसके पीछे न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज़ की तैयारी को बड़ी वजह बताया गया है।
दरअसल सुंदर उस समय एशियाई खेलों में भारतीय टीम के साथ जापान में थे, इसलिए उन्हें सीधे टी20 सीरीज़ में उतारने के बजाय लाल गेंद की तैयारी को तरजीह दी गई। चयन समिति ने तय किया कि सुंदर 11 अक्टूबर से शुरू हो रहे रणजी ट्रॉफी सीजन में तमिलनाडु की ओर से खेलेंगे। वहीं उनकी जगह पंजाब के ऑलराउंडर नमन धीर को टी20 स्क्वॉड में शामिल किया गया।
वाशिंगटन सुंदर की जगह नमन धीर — डेब्यू में ही धमाका
लखनऊ के इकाना स्टेडियम में मंगलवार को खेले गए पहले टी20 में नमन धीर ने 3 विकेट चटकाकर अपने चयन को सही ठहरा दिया। उन्होंने सिर्फ 31 रन खर्च किए, जबकि कुलदीप यादव ने 2 विकेट लेकर अच्छा साथ दिया। वेस्टइंडीज की टीम 171 रन पर सिमट गई। इसके बाद कप्तान श्रेयस अय्यर के नाबाद शतक से भारत ने 8 विकेट से जीत दर्ज कर सीरीज़ में 1-0 की बढ़त बना ली।
वहीं टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह को इस पूरी टी20 सीरीज़ से आराम दिया गया है। यह फैसला फॉर्म या फिटनेस से जुड़ा नहीं, बल्कि वर्कलोड मैनेजमेंट की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। भारत को 22 अक्टूबर (गुरुवार) से न्यूजीलैंड का लंबा दौरा करना है, जहां 5 टी20, 2 टेस्ट और 5 वनडे खेले जाएंगे। टीम प्रबंधन चाहता है कि बुमराह 2027 विश्व कप को ध्यान में रखते हुए पूरी तरह तरोताज़ा रहें।
व्यस्त शेड्यूल के बीच टीम प्रबंधन की स्मार्ट रणनीति
भारतीय टीम का शेड्यूल इस समय बेहद व्यस्त है — एशियाई खेलों में गोल्ड जीतने के महज़ तीन दिन बाद टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ उतर गई। अब शुक्रवार 9 अक्टूबर को रांची में दूसरा टी20 खेला जाएगा। गेंदबाज़ी कोच मोर्ने मोर्कल ने माना है कि जापान से लौटने के बाद खिलाड़ी जेट लैग से जूझ रहे हैं, इसलिए रोटेशन की नीति अपनाई जा रही है। प्रसिद्ध कृष्णा की हैमस्ट्रिंग चोट के बाद अंशुल कंबोज को स्क्वॉड में शामिल किया गया है।
कुल मिलाकर चयनकर्ताओं का संदेश साफ है — बड़े लक्ष्यों के लिए कड़े फैसले ज़रूरी हैं। वाशिंगटन सुंदर को टेस्ट सीरीज़ के लिए तैयार करना और बुमराह को आराम देना इसी लंबी सोच का नतीजा है। अब नज़रें रांची के मुकाबले पर हैं।






