रोज़ 50 ग्राम फाइबर? ये वायरल हेल्थ ट्रेंड बन सकता है मुसीबत! जानिए सच्चाई

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रोज़ 50 ग्राम फाइबर? ये वायरल हेल्थ ट्रेंड बन सकता है मुसीबत! जानिए सच्चाई
ओट्स, बीन्स, बेरी और चिया सीड्स जैसे हाई-फाइबर फूड्स। (तस्वीरें: billa.bg, livedontdiet.com)

सेहतमंद रहने के लिए आजकल सोशल मीडिया पर एक नया डाइट ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे फाइबर मैक्सिंग कहा जा रहा है। इस ट्रेंड में लोग जानबूझकर रोजाना 30 से 60 ग्राम तक फाइबर खाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसके लिए ओट्स, चिया सीड्स, दाल-बीन्स और फाइबर पाउडर का सहारा लिया जा रहा है। टिकटॉक से शुरू हुआ यह ट्रेंड पेट की सेहत सुधारने और वजन घटाने के दावों के साथ फैल रहा है। हालांकि, न्यूट्रिशनिस्ट की मानें तो यह ट्रेंड फायदे की जगह नुकसान भी पहुंचा सकता है।

फाइबर मैक्सिंग के खतरे और न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह

दरअसल, जानी-मानी न्यूट्रिशनिस्ट नमामी अग्रवाल ने इस ट्रेंड को लेकर खुली चेतावनी दी है। NDTV से बातचीत में उन्होंने कहा कि फाइबर कोलेस्ट्रॉल, ब्लड शुगर, पाचन और भूख कंट्रोल के लिए जरूरी है, लेकिन अचानक बहुत ज्यादा फाइबर खाना उल्टा पड़ सकता है। बिना पर्याप्त पानी के ज्यादा फाइबर लेने से गैस, पेट फूलना, कब्ज, पोषक तत्वों का अवशोषण न होना और IBS जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। वहीं, एक ही हफ्ते में 10 ग्राम से 50 ग्राम फाइबर पर कूदना न सिर्फ बेअसर बल्कि असुरक्षित भी है, इसलिए फाइबर धीरे-धीरे बढ़ाना चाहिए।

इसके बाद, तीन डाइटीशियन्स ने भी इसी बात की पुष्टि की है कि “ज्यादा हमेशा बेहतर नहीं होता”। उनका कहना है कि अचानक हाई-फाइबर डाइट अपनाने से गैस, पेट फूलना और पाचन संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं, खासकर उन लोगों को जो IBS या आंत की सूजन जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं। हालांकि, स्वस्थ वयस्कों के लिए फाइबर को धीरे-धीरे बढ़ाना सुरक्षित और फायदेमंद है। वहीं, महिलाओं के लिए रोजाना करीब 25 ग्राम और पुरुषों के लिए 38 ग्राम फाइबर की सलाह दी जाती है, जबकि शोध में सबसे ज्यादा फायदा 25-29 ग्राम के दायरे में ही दिखा है।

इसके अलावा, न्यूट्रिशनिस्ट का कहना है कि फाइबर बढ़ाने का सही तरीका धीमी शुरुआत और पर्याप्त पानी है। खाने में विविधता लाएं — बीन्स, मसूर की दाल, छोले, ओट्स, बेरी, सेब, नट्स और बीजों को बारी-बारी शामिल करें, सिर्फ सप्लीमेंट पर निर्भर न रहें क्योंकि असली खाने में कई तरह के फाइबर मिलते हैं। वहीं, खून में गड़बड़ी से जुड़ी इस रिपोर्ट से भी साफ है कि डाइट का असर सेहत पर सीधा पड़ता है। हालांकि, अगर आपको पाचन संबंधी कोई पुरानी दिक्कत है तो डाइट में बड़ा बदलाव करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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