दिवाली से पहले मिठाई खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। दरअसल, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने त्योहारी सीजन में मिलावटखोरों के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ दिया है। हालांकि, FSSAI ने 29 सितंबर को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक विशेष पत्र जारी किया था, जिसमें मिठाई, दूध उत्पादों और खाद्य तेल की निगरानी बढ़ाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
FSSAI के इस पत्र को ‘सबसे महत्वपूर्ण’ श्रेणी में रखा गया है, जिसमें कहा गया है कि त्योहारी सीजन में मिठाइयों, नमकीन, पेय पदार्थों, खाद्य तेल और दूध उत्पादों जैसे घी, खोया और पनीर की मांग तेजी से बढ़ती है। वहीं, इसी बढ़ती मांग का फायदा उठाकर मिलावटी और नकली खाद्य पदार्थ बाजार में पहुंच जाते हैं। इसके बाद, FSSAI ने सभी राज्यों के कमिश्नरों को निर्देश दिया है कि वे अपने इलाकों में निरीक्षण और सैंपलिंग अभियान चलाएं, खासकर उन हॉटस्पॉट और संवेदनशील जगहों पर जहां मिलावट का खतरा ज्यादा हो। दरअसल, राज्यों को ‘Food Safety on Wheels’ मोबाइल टेस्टिंग वैन को बाजारों में तैनात करने के लिए भी कहा गया है।
FSSAI छापेमारी में दिल्ली-मेवात से अब तक का बड़ा एक्शन
इस विशेष अभियान का असर जमीन पर भी दिखने लगा है। दिल्ली में ही फूड सेफ्टी टीमों ने संदिग्ध मिलावटी खोया और पनीर के 4,100 किलोग्राम से ज्यादा सामान को नष्ट कर दिया है। इसके साथ ही, पड़ोसी मेवात इलाके में करीब 50 छापेमारियों के दौरान 10,000 किलोग्राम से ज्यादा खराब पनीर जब्त किया गया है। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि इस नकली पनीर की सप्लाई चेन जयपुर, मथुरा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और दिल्ली तक फैली हुई है, जिससे पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मिलावटी सामान पहुंचने का खतरा बढ़ गया था।
FSSAI ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सभी निरीक्षण, सैंपलिंग और उनके नतीजों का डेटा FoSCoS और FoSCoRIS पोर्टल पर रियल-टाइम में दर्ज किया जाए। दरअसल, इससे मिलावटखोरों पर निगरानी लगातार बनी रहेगी और किसी भी इलाके में कार्रवाई में ढील नहीं बरती जा सकेगी। इसके बाद, खाद्य सुरक्षा अधिकारी उन सभी श्रेणियों पर नजर रखेंगे, जिनकी खपत त्योहारी सीजन में सबसे ज्यादा होती है। हालांकि, क्षेत्रीय खानपान के हिसाब से यह सूची बदल भी सकती है, जैसे उत्तर और पश्चिम भारत में कुट्टू और सिंघाड़े के आटे की जांच बढ़ेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि मिलावटी खोया और पनीर से पेट की बीमारियों के साथ-साथ लंबे समय में सेहत को गंभीर नुकसान हो सकता है। वहीं, उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि त्योहारी खरीदारी करते समय भरोसेमंद दुकानों से ही मिठाई और दूध उत्पाद खरीदें। हालांकि, बाजार में सस्ते दामों पर मिलने वाले बिना ब्रांड के खोया-पनीर से बचना ही बेहतर होगा। दरअसल, दिवाली की खुशियों के बीच सेहत से समझौता बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
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स्रोत: ET Healthworld







