तीसरे वनडे में भले ही टीम इंडिया को जीत न मिली हो, लेकिन उस मैच से जुड़ी एक और बुरी खबर अब सामने आई है। दरअसल, न्यू चंडीगढ़ के मुल्लांपुर में 3 अक्टूबर को खेले गए आखिरी वनडे में धीमी ओवर गति के लिए ICC ने भारतीय टीम पर जुर्माना लगा दिया है। इस ICC जुर्माना भारत पर टीम के हर खिलाड़ी की मैच फीस का 20 फीसदी कटेगा। वहीं, वेस्टइंडीज की टीम पर भी 10 फीसदी का जुर्माना लगा है।
ICC जुर्माना भारत: कितने ओवर पीछे रह गईं दोनों टीमें
ICC के नियमों के मुताबिक, तय समय के भीतर जितने ओवर कम फेंके गए, उसके हिसाब से जुर्माना लगता है। हर एक ओवर की कमी पर मैच फीस का 5 फीसदी कटता है। भारत निर्धारित ओवर गति से 4 ओवर पीछे रहा, इसलिए 20 फीसदी का जुर्माना पड़ा। वहीं, वेस्टइंडीज 2 ओवर पीछे रहा, जिस पर 10 फीसदी का जुर्माना लगा है।
मैच के दौरान ही दोनों टीमों को इस गलती की सजा भुगतनी पड़ी थी। भारत को आखिरी चार ओवरों में एक अतिरिक्त फील्डर को 30 गज के सर्कल के अंदर रखना पड़ा था, और उसी दौरान वेस्टइंडीज ने बचे हुए 44 रन बनाकर 352 रनों का रिकॉर्ड चेज पूरा किया। शाई होप ने नाबाद 162 रनों की पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई, जो वनडे में वेस्टइंडीज का सबसे बड़ा सफल रन चेज है। इस मैच में भारत ने सीरीज तो 2-1 से अपने नाम की, लेकिन क्लीन स्वीप का सपना टूट गया।
ICC की ओर से जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, मैच रेफरी Prakash Bhatt ने दोनों कप्तानों पर आरोप तय किए। ऑन-फील्ड अंपायर Jayaraman Madanagopal और Sam Nogajski, थर्ड अंपायर Sharfuddoula Ibne Shahid और फोर्थ अंपायर Virender Sharma ने शिकायत दर्ज की थी। हालांकि, दोनों कप्तानों ने अपनी गलती मान ली और प्रस्तावित जुर्माने को स्वीकार कर लिया, इसलिए औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी।
वैसे, यह पहली बार नहीं है जब वेस्टइंडीज को धीमी ओवर गति के लिए दंडित किया गया है। जुलाई में न्यूजीलैंड के खिलाफ बारबाडोस में हुए वनडे में भी उन्हें एक ओवर की कमी पर 5 फीसदी का जुर्माना लगा था। अब दोनों टीमें टी20 सीरीज की ओर बढ़ गई हैं, जो 6 अक्टूबर से लखनऊ में शुरू होगी।







