AI Deepfake के खिलाफ सामंथा की बड़ी जीत! बॉम्बे हाईकोर्ट ने नाम-तस्वीर-आवाज़ के बेजा इस्तेमाल पर लगाई रोक

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AI Deepfake के खिलाफ सामंथा की बड़ी जीत! बॉम्बे हाईकोर्ट ने नाम-तस्वीर-आवाज़ के बेजा इस्तेमाल पर लगाई रोक
तस्वीर: Behindwoods/Cinejosh सौजन्य | Collage: TheFocusWorld

साउथ फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर एक्ट्रेस सामंथा रुथ प्रभु ने अदालत में बड़ी कानूनी जीत हासिल की है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को उनकी पर्सनैलिटी राइट्स की याचिका पर अंतरिम राहत देते हुए AI प्लेटफॉर्म, ई-कॉमर्स पोर्टल और डिजिटल मीडिया संस्थाओं को उनकी इजाज़त के बिना नाम, तस्वीर और आवाज़ के इस्तेमाल से रोक दिया है। हालांकि यह आदेश अंतरिम है, लेकिन AI-जनरेटेड कंटेंट के बेजा इस्तेमाल के खिलाफ चल रही लड़ाई में इसे एक अहम मोड़ माना जा रहा है।

सामंथा रुथ प्रभु के मामले में कोर्ट ने क्या कहा?

जस्टिस माधव जामदार ने याचिका की सुनवाई करते हुए कहा कि कोर्ट के सामने रखी गई सामग्री से प्रथम दृष्टया लगता है कि सामंथा के पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी राइट्स का उल्लंघन हो रहा है। कोर्ट ने पाया कि बिना सहमति के बनाए गए AI डीपफेक और मॉर्फ्ड कंटेंट के ज़रिए एक्ट्रेस के अधिकारों को नुकसान पहुंचाया गया है। जज ने अपने आदेश में कहा कि उनके पर्सनैलिटी राइट्स संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) और अनुच्छेद 21 के तहत सुरक्षित हैं, जिनमें निजता और मानवीय गरिमा का अधिकार भी शामिल है। इसके साथ ही कॉपीराइट एक्ट की धारा 38B के तहत परफॉर्मर के तौर पर उनके नैतिक अधिकार भी अलग से सुरक्षित हैं।

18 प्रतिवादियों पर कसेगा शिकंजा, सरकार भी पक्षकार

सामंथा की याचिका में कुल 18 प्रतिवादियों को पक्षकार बनाया गया है, जिनमें मेटा (फेसबुक, इंस्टाग्राम), गूगल (यूट्यूब), अमेज़न जैसी दिग्गज टेक कंपनियों के अलावा AI डेवलपर, डिजिटल मीडिया कंपनियां और ई-कॉमर्स संस्थाएं शामिल हैं। वहीं आदेश के अमल के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और दूरसंचार विभाग (DoT) को भी पक्षकार बनाया गया है। एक्ट्रेस ने अज्ञात उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ ‘जॉन डो’ आदेश की भी मांग की है, ताकि जिनकी पहचान अभी नहीं हुई है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सके। उन्होंने स्थायी निषेधाज्ञा, कंटेंट हटाने और हर्जाने की मांग की है।

वकील ने कोर्ट में क्या-क्या दलीलें दीं?

सुनवाई के दौरान सामंथा के वकील ने बताया कि एक्ट्रेस की पहचान का दुरुपयोग कई वेबसाइटों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, अश्लील पोर्टलों और AI आधारित सेवाओं पर हो रहा है। उनकी तस्वीरों को मॉर्फ करके AI के ज़रिए अश्लील वीडियो, तस्वीरें और ऑडियो क्लिप बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा उनकी आवाज़ की AI-जनरेटेड नकल और उन्हें ऑब्जेक्टिफाई करने वाले इंटरैक्टिव AI चैटबॉट भी चलाए जा रहे हैं। कोर्ट ने इन सभी तरह के आपत्तिजनक कंटेंट के प्रकाशन पर रोक लगाते हुए प्लेटफॉर्मों को अनधिकृत सामग्री हटाने का निर्देश दिया है।

दरअसल, यह फैसला सिर्फ सामंथा तक सीमित नहीं है, बल्कि उन तमाम सेलिब्रिटीज के लिए नज़ीर बनेगा जो AI के दुरुपयोग से परेशान हैं। हाल के महीनों में डीपफेक तकनीक के ज़रिए कई अभिनेताओं की नकली तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए हैं, जिससे उनकी छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा है। ऐसे में हाईकोर्ट का यह सख्त रुख डिजिटल प्लेटफॉर्मों के लिए बड़ी चेतावनी है। बॉलीवुड की ऐसी ही बड़ी खबरों के लिए मुश्ताक खान की प्रेयर मीट में उमड़े बॉलीवुड सितारों वाली हमारी यह खबर भी पढ़ें। इस फैसले की विस्तृत जानकारी बार एंड बेंच की इस रिपोर्ट में देखी जा सकती है।

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